जब दुनिया के कई देशों में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पहले के मुकाबले कम होनी शुरू हो गई है तब अपने देश में इसकी सूरत बनती न दिखना चिंता की बात है। यह सही है कि अपने देश में कोरोना संक्रमण की चपेट में आए लोगों की मृत्यु दर कहीं कम है और ठीक होने वाले मरीजों की दर भी साठ प्रतिशत से अधिक हो गई है, लेकिन यदि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या नहीं थमी तो फिर जन जीवन को सामान्य करने में मुश्किल ही पेश आनी है और इसका मतलब होगा कारोबार का गति न पकड़ना और आíथक मुश्किलों का दौर लंबा खिंचना।
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