नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट अपने आप में नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है, जिसे अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा के लिए जारी किया जाता है।
यह स्पष्टीकरण 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर जारी किया गया। मंत्रालय ने कहा कि हालांकि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन सिर्फ पासपोर्ट होना नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं माना जा सकता।
विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है कि आखिर भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण कौन-से दस्तावेज़ हैं। यह विषय लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता रहा है।
मंत्रालय के बयान के बाद नागरिकता साबित करने वाले आधिकारिक दस्तावेजों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।



