पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने IMA पासिंग आउट परेड में की शिरकत
रिव्यूइंग अफसर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ली परेड की सलामी

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पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने IMA पासिंग आउट परेड में की शिरकत रिव्यूइंग अफसर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ली परेड की सलामीदेवभूमि मीडिया ब्यूरोपासिंगआउट परेड के बाद IMA यानि भारतीय सैन्य अकादमी अपनी स्थापना के बाद भारतीय सैन्य अकादमी के साथ देश-विदेश के 62 हजार 139 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है।मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह का आईएमए से गुजर रहे एनएच 72 पर दो अंडर पास की स्वीकृति दिए जाने पर किया आभार व्यक्तमुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा आईएमए से गुजर रहे एनएच 72 पर दो अंडर पास की स्वीकृति दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। रक्षा मंत्री ने शनिवार को आईएमए के पासिंग आउट परेड में अपने संबोधन में इसकी घोषणा की थी। आईएमए से गुजर रहे एनएच 72 पर जाम की समस्या के कारण लम्बे समय से अंडर-पास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इसके लिए अनुरोध भी किया था। इसी क्रम में रक्षा मंत्री द्वारा अंडर-पास और इसके लिए 32.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल देहरादून की जनता को लाभ होगा बल्कि हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि दूसरे प्रदेशों से आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा होगी। आतंकवाद पकिस्तान की बन चुकी है राज्य नीतिरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देहरादून के भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति बना लिया है। पाकिस्तान ने हमारे साथ चार लड़ाइयां लड़ीं, उन्हें हर बार हार मिली। उन्होंने पाकिस्तान को टेररिस्ट स्टेट बताते हुए चेतावनी दी । उन्होंने कहा है कि भारत में आतंकी हमलों के गुनाहगार पाकिस्तान में छिपे हैं। उन्होंने कहा कि वो भारतीय इंटेलिजेंस व सुरक्षा बलों से ज्यादा समय तक बच नहीं सकेंगे। पाकिस्तान विचित्र पड़ोसी है, सुधार के रास्ते पर नहीं चल रहा है। रक्षा मंत्री ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें।राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत कभी किसी देश के मामले में हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन जब कोई हम पर बुरी नजर रखता है तो भारत चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि डोकलाम मामले में भारतीय सेना के जवानों ने चीनी जवानों को धकेलकर अपना इरादा साफ कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज आइएमए की पासिंग आउट परेड का रिव्यू करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। आज इंडियन आर्मी की गौरवशाली परंपरा की नई कड़ी को जुड़ते हुए मैं प्रत्यक्ष अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं।जब अभी आप अपने नपे-तुले और सधे हुए कदमताल करते हुए मेरी आंखों के सामने से गुजर रहे थे तो एक सुरक्षित और सुनहरे भारत की तस्वीर भी मैं देख रहा था। उन्होंने कहा, आपकी पूरी ड्रिल और टर्नआउट में मेहनत और लगन के साथ-साथ आपका प्रेम का असर हम साफ साफ देख रहे थे।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आइएमए के उत्तरी, दक्षिण व मध्य परिसर के बीच दो अंडरपास बनेंगे। पहला अंडर पास एनएच 72 पर और दूसरा रांगडवाला रोड पर बनेगा। बता दें, सुरक्षा कारणों व ट्रैफिक की दिक्कत को देखते हुए यह मांग पिछले तीन दशक से की जा रही है। वर्ष 1978 से यह समस्या बनी हुई है, पर कई बार डीपीआर बन जाने के बाद भी मामला लटका रहा। इस समस्या के निस्तारण के लिए अब दो अंडर पास बनाए जाएंगे। इसके लिए रक्षा मंत्रालय 32.33 करोड़ रुपये मुहैया कराएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे दूनवासियों को ही नहीं पंजाब, हरियाणा, हिमाचल आदि जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।देहरादून : भारत माता तेरी कसम, तेरे रक्षक बनेंगे हम। आइएमए गीत पर कदमताल करते जेंटलमैन कैडेट ड्रिल स्क्वायर पहुंचे, तो लगा कि कोई विशाल सागर उमड़ आया है। एक साथ उठते कदम और गर्व से फूले हुए सीने दर्शक दीर्घा में बैठे हरे शख्स के भीतर देशप्रेम के साथ ही अपार ऊर्जा का संचार कर रहे थे। भारतीय सैन्य अकादमी में हुई इस पासिंग आउट परेड के बाद 306 कैडेट बतौर सैन्य अफसर भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। इस ऐतिहासिक परेड में मित्र देशों के 71 कैडेट भी पास आउट होकर अपने-अपने देशों की फौज का हिस्सा बन जायेंगे ।इस बार पासआउट होने वाले 306 भारतीय कैडेटों में उत्तराखंड राज्य के 19 कैडेट पासआउट हो रहे हैं। इस संख्या में इनमें मित्र देशों को मिले 2413 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर रिव्यूइंग अफसर ऐतिहासिक ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर पासिंग आउट परेड की सलामी ली। यह पहला मौक़ा है जब IMA पासिंग आउट परेड में उत्तराखंड का कोई मुख्यमंत्री शिरकत कर रहा है। ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड के साक्ष्य देश की सेवा में जुड़ने जा रहे कैडिट के परिजन सहित तमाम पूर्व सैन्य अधिकारी बने हैं। वहीं पासिंग आउट परेड को देखते हुए आइएमए परिसर सहित आस-पास के इलाकों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है अफगानिस्तान, भूटान, तजाकिस्तान, मारीशस, श्रीलंका, नेपाल आदि देशों के अतिथि व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बीते दिन ही आईएमए पहुंच चुके थे। देश के भावी सैन्य अफसर बनने जा रहे भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने वाले कैडिट में अंतिम पग पार करते ही भारतीय सेना के अधिकारी बन जायेंगे।शनिवार को एक बार फिर भारतीय सैन्य अकादमी उस ऐतिहासिक पल का गवाह बना जब देश के 306 कैडिट और मित्र देशों के 71 कैडेट जोश के साथ कदमताल करते हुए सैन्य क्षेत्र में अधिकारी बनकर अपनी एक नई जिम्मेदारी की तरफ कदम बढ़ाएंगे।परेड के उपरांत सोमनाथ स्टेडियम में आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 377 जेंटलमैन कैडेट बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन जाएंगे। इनमें 306 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिलेंगे। जबकि 71 युवा सैन्य अधिकारी दस मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मॉरीशस, लिसिथो, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, तंजानिया व वियतनाम की सेना का अभिन्न अंग बनेंगे।इन्हें मिले सम्मान पदक स्वार्ड ऑफ ऑनर व स्वर्ण पदक-विनय विलास गरड़।रजत पदक-पीकेंद्र सिंह। रजत पदक (टीजी)-शिवराज सिंह। कांस्य पदक-ध्रुव मेहला। सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट- कुएंजंग वांगचुकभूटान। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर-केरन कंपनी।कितने कैडेट किस प्रदेश के हुए पासआउटप्रदेश कैडेट
उत्तर प्रदेश- 56
हरियाणा- 39
बिहार- 24
राजस्थान- 21
उत्तराखंड- 19
महाराष्ट्र- 19
हिमाचल प्रदेश-1 8
दिल्ली- 16
पंजाब-1 1
केरला- 10
मध्यप्रदेश- 10
तमिलनाडु- 9
कर्नाटक- 7
आंध्र प्रदेश- 6
जम्मू कश्मीर- 6
वेस्ट बंगाल- 6
तेलंगाना- 5
मणिपुर- 4
चंडीगढ़- 4
गुजरात- 4
झारखंड- 4
नेपाल- 2
असम- 2
मिजोरम- 1
ओडिसा- 1
सिक्किम- 1
अंडमान निकोबार- 1
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
पासिंगआउट परेड के बाद IMA यानि भारतीय सैन्य अकादमी अपनी स्थापना के बाद भारतीय सैन्य अकादमी के साथ देश-विदेश के 62 हजार 139 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह का आईएमए से गुजर रहे एनएच 72 पर दो अंडर पास की स्वीकृति दिए जाने पर किया आभार व्यक्त
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा आईएमए से गुजर रहे एनएच 72 पर दो अंडर पास की स्वीकृति दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। रक्षा मंत्री ने शनिवार को आईएमए के पासिंग आउट परेड में अपने संबोधन में इसकी घोषणा की थी। आईएमए से गुजर रहे एनएच 72 पर जाम की समस्या के कारण लम्बे समय से अंडर-पास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इसके लिए अनुरोध भी किया था। इसी क्रम में रक्षा मंत्री द्वारा अंडर-पास और इसके लिए 32.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल देहरादून की जनता को लाभ होगा बल्कि हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि दूसरे प्रदेशों से आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा होगी।

आतंकवाद पकिस्तान की बन चुकी है राज्य नीति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देहरादून के भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राज्य नीति बना लिया है। पाकिस्तान ने हमारे साथ चार लड़ाइयां लड़ीं, उन्हें हर बार हार मिली। उन्होंने पाकिस्तान को टेररिस्ट स्टेट बताते हुए चेतावनी दी । उन्होंने कहा है कि भारत में आतंकी हमलों के गुनाहगार पाकिस्तान में छिपे हैं। उन्होंने कहा कि वो भारतीय इंटेलिजेंस व सुरक्षा बलों से ज्यादा समय तक बच नहीं सकेंगे। पाकिस्तान विचित्र पड़ोसी है, सुधार के रास्ते पर नहीं चल रहा है। रक्षा मंत्री ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत कभी किसी देश के मामले में हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन जब कोई हम पर बुरी नजर रखता है तो भारत चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि डोकलाम मामले में भारतीय सेना के जवानों ने चीनी जवानों को धकेलकर अपना इरादा साफ कर दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज आइएमए की पासिंग आउट परेड का रिव्यू करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। आज इंडियन आर्मी की गौरवशाली परंपरा की नई कड़ी को जुड़ते हुए मैं प्रत्यक्ष अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं।
जब अभी आप अपने नपे-तुले और सधे हुए कदमताल करते हुए मेरी आंखों के सामने से गुजर रहे थे तो एक सुरक्षित और सुनहरे भारत की तस्वीर भी मैं देख रहा था। उन्होंने कहा, आपकी पूरी ड्रिल और टर्नआउट में मेहनत और लगन के साथ-साथ आपका प्रेम का असर हम साफ साफ देख रहे थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आइएमए के उत्तरी, दक्षिण व मध्य परिसर के बीच दो अंडरपास बनेंगे। पहला अंडर पास एनएच 72 पर और दूसरा रांगडवाला रोड पर बनेगा। बता दें, सुरक्षा कारणों व ट्रैफिक की दिक्कत को देखते हुए यह मांग पिछले तीन दशक से की जा रही है। वर्ष 1978 से यह समस्या बनी हुई है, पर कई बार डीपीआर बन जाने के बाद भी मामला लटका रहा। इस समस्या के निस्तारण के लिए अब दो अंडर पास बनाए जाएंगे। इसके लिए रक्षा मंत्रालय 32.33 करोड़ रुपये मुहैया कराएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे दूनवासियों को ही नहीं पंजाब, हरियाणा, हिमाचल आदि जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
देहरादून : भारत माता तेरी कसम, तेरे रक्षक बनेंगे हम। आइएमए गीत पर कदमताल करते जेंटलमैन कैडेट ड्रिल स्क्वायर पहुंचे, तो लगा कि कोई विशाल सागर उमड़ आया है। एक साथ उठते कदम और गर्व से फूले हुए सीने दर्शक दीर्घा में बैठे हरे शख्स के भीतर देशप्रेम के साथ ही अपार ऊर्जा का संचार कर रहे थे। भारतीय सैन्य अकादमी में हुई इस पासिंग आउट परेड के बाद 306 कैडेट बतौर सैन्य अफसर भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। इस ऐतिहासिक परेड में मित्र देशों के 71 कैडेट भी पास आउट होकर अपने-अपने देशों की फौज का हिस्सा बन जायेंगे ।
इस बार पासआउट होने वाले 306 भारतीय कैडेटों में उत्तराखंड राज्य के 19 कैडेट पासआउट हो रहे हैं। इस संख्या में इनमें मित्र देशों को मिले 2413 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर रिव्यूइंग अफसर ऐतिहासिक ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर पासिंग आउट परेड की सलामी ली। यह पहला मौक़ा है जब IMA पासिंग आउट परेड में उत्तराखंड का कोई मुख्यमंत्री शिरकत कर रहा है।
ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड के साक्ष्य देश की सेवा में जुड़ने जा रहे कैडिट के परिजन सहित तमाम पूर्व सैन्य अधिकारी बने हैं। वहीं पासिंग आउट परेड को देखते हुए आइएमए परिसर सहित आस-पास के इलाकों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है अफगानिस्तान, भूटान, तजाकिस्तान, मारीशस, श्रीलंका, नेपाल आदि देशों के अतिथि व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बीते दिन ही आईएमए पहुंच चुके थे। देश के भावी सैन्य अफसर बनने जा रहे भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होने वाले कैडिट में अंतिम पग पार करते ही भारतीय सेना के अधिकारी बन जायेंगे।
शनिवार को एक बार फिर भारतीय सैन्य अकादमी उस ऐतिहासिक पल का गवाह बना जब देश के 306 कैडिट और मित्र देशों के 71 कैडेट जोश के साथ कदमताल करते हुए सैन्य क्षेत्र में अधिकारी बनकर अपनी एक नई जिम्मेदारी की तरफ कदम बढ़ाएंगे।
परेड के उपरांत सोमनाथ स्टेडियम में आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 377 जेंटलमैन कैडेट बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन जाएंगे। इनमें 306 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिलेंगे। जबकि 71 युवा सैन्य अधिकारी दस मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मॉरीशस, लिसिथो, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, तंजानिया व वियतनाम की सेना का अभिन्न अंग बनेंगे।
इन्हें मिले सम्मान पदक
स्वार्ड ऑफ ऑनर व स्वर्ण पदक-विनय विलास गरड़।
रजत पदक-पीकेंद्र सिंह।
रजत पदक (टीजी)-शिवराज सिंह।
कांस्य पदक-ध्रुव मेहला।
सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट- कुएंजंग वांगचुकभूटान। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर-केरन कंपनी।
कितने कैडेट किस प्रदेश के हुए पासआउट
प्रदेश कैडेट
उत्तर प्रदेश- 56
हरियाणा- 39
बिहार- 24
राजस्थान- 21
उत्तराखंड- 19
महाराष्ट्र- 19
हिमाचल प्रदेश-1 8
दिल्ली- 16
पंजाब-1 1
केरला- 10
मध्यप्रदेश- 10
तमिलनाडु- 9
कर्नाटक- 7
आंध्र प्रदेश- 6
जम्मू कश्मीर- 6
वेस्ट बंगाल- 6
तेलंगाना- 5
मणिपुर- 4
चंडीगढ़- 4
गुजरात- 4
झारखंड- 4
नेपाल- 2
असम- 2
मिजोरम- 1
ओडिसा- 1
सिक्किम- 1
अंडमान निकोबार- 1
उत्तर प्रदेश- 56
हरियाणा- 39
बिहार- 24
राजस्थान- 21
उत्तराखंड- 19
महाराष्ट्र- 19
हिमाचल प्रदेश-1 8
दिल्ली- 16
पंजाब-1 1
केरला- 10
मध्यप्रदेश- 10
तमिलनाडु- 9
कर्नाटक- 7
आंध्र प्रदेश- 6
जम्मू कश्मीर- 6
वेस्ट बंगाल- 6
तेलंगाना- 5
मणिपुर- 4
चंडीगढ़- 4
गुजरात- 4
झारखंड- 4
नेपाल- 2
असम- 2
मिजोरम- 1
ओडिसा- 1
सिक्किम- 1
अंडमान निकोबार- 1


