बागेश्वर : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विकास भवन सभागार बागेश्वर में अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं/कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने शासकीय योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए विकास कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोविड-19 के कारण जनपद में वापस आये प्रवासियों की सफलता की कहानी पर मुख्यमंत्री ने प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग लोगों से वार्ता करें तथा वे जिस काम में रूचि रखते है उस कार्य के लिए उन्हें प्रेरित किया जाय। हमारा मकसद प्रति व्यक्ति आय में बढोत्तरी करना होना चाहिए, इसलिए नियोजित तरीके से खपत की पूर्ति करने के लिए एक बेहतर योजना होनी चाहिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को पोल्ट्री के क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से कार्य करने को कहा, उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य परिणात्मक होना चाहिए।
मुख्यमंत्री घोषणा के संबंध में उन्होंने कहा कि जो कार्य शासन स्तर पर लम्बित है उन्हें चिन्हित कर तत्काल शासन को प्रेषित की जाय। सिंचाई विभाग द्वारा बागेश्वर के घाट निर्माण के संबंध में उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में स्थानीय पत्थरों का उपयोग किया जाय। जिला योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत धनराशि का व्यय रोजगारपरक योजनाओं पर अनिवार्य रूप से किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा प्रत्येक व्यक्ति को रोजगारपरक योजनाओं से लाभान्वित करना है इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन निर्णय ले, ताकि आम जनमानस को योजनाओं का वास्तिवक लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी विनीत कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जनपद में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। जनपद में कुल आठ टीमों द्वारा सैंपलिंग का कार्य किया जा रहा है। सैंपलिंग हेतु दो मोबाईल टीम भी गठित किये गये है तथा जनपद में पर्याप्त मात्रा में कोविड केयर सेंटर बनाये गये है। कोविड-19 की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों के कुल 1441 अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। तथा इसके रोकथाम के लिए नियमित पदों के सापेक्ष 33 कर्मचारियों की आउटसोर्स ऐजेंसी के माध्यम से नियुक्ति की गयी है। उन्होंने कहा कि जनपद में 08 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत है तथा 05 क्रियाशील है, जो कीवी फल प्रसंस्करण, बुरांश फूल प्रसंस्करण, मालटा और नींबू प्रसंस्करण, सब्जियों का संग्रहण, मसाला प्रसंस्करण, अचार तैयार करना तथा पुष्प उत्पादन व विपणन आदि गतिविधियॉ संचालित कर शुद्ध आय प्राप्त कर रही है।
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