श्रीनगर। ने की उस अपील का समर्थन किया है, जिसमें अमरनाथ यात्रियों से अपनी यात्रा के बजट का एक हिस्सा स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने का आग्रह किया गया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि यात्रियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद की जाती है, तो उन्हें स्थानीय बाजारों में घूमने-फिरने की अधिक स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री के सुझाव को “बहुत अच्छा” बताते हुए कहा कि यदि अमरनाथ यात्री अपने कुल बजट का सिर्फ 10 प्रतिशत भी स्थानीय सामान खरीदने पर खर्च करें, तो इससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
हालांकि, उन्होंने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यात्रियों को “लगभग कैदियों की तरह रखा जा रहा है”, जहां उन्हें स्वतंत्र रूप से घूमने या स्थानीय बाजारों तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल रहा। उनका कहना था कि जब तक श्रद्धालुओं को अपने वाहनों से उतरकर स्थानीय क्षेत्रों और बाजारों में जाने की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक उनसे खरीदारी कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है।
उमर अब्दुल्ला के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय व्यापार के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वार्षिक अमरनाथ यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है और प्रशासन हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।



