Uttarakhand
चर्चित गुप्ता बंधुओं के बेटों के शादी इनकम टैक्स के रडार पर !

-
बिना अनुमति के औली में टेंट निर्माण कार्य शुरू होने पर उठने लगे सवाल ?
-
पर्यावरणीय, पारिस्थितिकीय लिहाज़ से संवेदनशील है यह इलाका
-
उच्च हिमालयी इलाके में मानव दखलंदाज़ी से पर्यावरण को नुकसान
देहरादून : औली में होने वाली चर्चित गुप्ता बंधुओं के बेटों के शादी समारोह के लिए जहां उच्च हिमालयी इलाके में किसी भी आयोजन के नियमों, कानूनों को ताक पर रखा जा रहा है वहीं 200 करोड़ की इस शादी पर आयकर विभाग की नज़रें भी गढ़ी हुई है। आयकर विभाग सूत्रों के अनुसार चर्चित इस शाही शादी पर जहां गुप्ता बंधुओं पर उनकी नज़र है वहीं शादी में बुलाये गए मेहमानों और आयोजक भी उनकी रडार पर हैं।
समारोह आयोजकों को अभी तक औली में टेंट निर्माण की अनुमति नहीं मिली है, लेकिन यहां जगह-जगह टेंट कालोनी निर्माण कार्य के लिए पर्यावरणीय और पारिस्थितिकीय लिहाज़ से हिमालयी इलाके में युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। यहाँ टेंट लगाने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है और यहां आयोजकों ने टेंट निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है इसके लिए जगह -जगह गड्ढे खोद दिए गए हैं।
उच्च हिमालयी इलाके में बिना अनुमति के हो रहे कार्यों पर उपजिलाधिकारी जोशीमठ वैभव गुप्ता का कहना है कि शादी के लिए तमाम इन्तज़ामातों की अनुमति के लिए जिला मुख्यालय गोपेश्वर और राजधानी देहरादून में बैठे उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। बिना अनुमति कैसे औली जैसे स्थान में टेंट निर्माण कार्य शुरू होने के सवाल पर उनका कहना है कि इसे दिखवाया जाएगा।
वहीं दो सौ करोड़ की शाही शादी को लेकर आयकर विभाग की नज़रें इस शादी के खर्चे के चर्चे होने के बाद उस पर टिक गयी है। आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि गुप्ता बंधुओं का सारा पैसा विदेश से ही कमाया गया है लिहाज़ा इस पर उनकी नज़र का होना कोई बड़ी बात नहीं है। गुप्ता बंधु यहाँ होने वाले खर्चे की रकम को किस तरह देश में लाते हैं और किस तरह खर्च करते हैं इसपर नज़र रखना विभाग की नज़र का होना जरुरी भी है वहीं इस शाही शादी में कौन -कौन मेहमान आमंत्रित किया गया है उनके द्वारा दिए जाने वाले गिफ्ट और गुप्ता बंधुओं के रिटर्न गिफ्ट पर भी विभाग की नज़र रहेगी। इतना ही नहीं इस शादी के आयोजन के लिए जिस भी कंपनी को आयोजन का ठेका दिया गया है उसपर भी विभागों की नज़रें रहेंगी। 

