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सोमवती अमावस्या और शाही स्नान : हरकी पैड़ी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, कोविड नियम हुए तार-तार

कुम्भ मेला पुलिस मुस्तैद,लेकिन उनकी बात कोई भी श्रद्धालु सुनने को तैयार नहीं !

सोमवार सुबह 8.30 बजे से शुरू होंगे शाही स्नान

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

हरिद्वार : कोरोना संकट के बीच हरिद्वार में जहां सोमवती अमावस्या के स्नान के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम हरकी पौड़ी पर उमड़ आया है वहीं आज ही कुंभ का दूसरा शाही स्नान भी शुरू होने जा रहा है। हालांकि शाही स्नान को लेकर पुलिस और कुम्भ मेला प्रशासन से लेकर अखाड़ों तक ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। वहीं शाही स्नान से पहले सोमवती अमावस्या के चलते हरकी पैड़ी पर भीड़ उमड़ पड़ी है। आम लोग शाही स्नान से पहले गंगा जी में डुबकी लगाने पहुंच चुके हैं। भीड़ इतनी ज्यादा हो गई है कि कोविड नियम तार-तार हो गए हैं हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ ही भीड़ नज़र आ रही है। कुम्भ मेला पुलिस मुस्तैद है लेकिन उनकी बात कोई भी सुनने को तैयार नहीं है।

कुंभ मेला आईजी संजय गुंजयान ने हमारे संवाददाता को बताया कि हम लोगों से लगातार कोविड नियमों के पालन का आग्रह कर रहे हैं लेकिन भारी भीड़ के कारण यह व्यावहारिक रूप से असंभव है। आईजी का कहना है कि भारी भीड़ को देखते हुए यहां घाट पर सामाजिक दूरी जैसे नियम का पालन करा पाना नामुमकिन है। अगर हमने ऐसा कराने की कोशिश की तो भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है इसलिए हम ऐसा नहीं कर रहे हैं।

आज इस क्रम में होगा शाही स्नान:-

1.पहले निरंजनी अखाड़ा अपने साथी आनंद के साथ अपनी छावनी से सुबह 8.30 बजे चलेगा। हर की पौड़ी पर पहुंचकर निरंजनी अखाड़े के संत शाही स्नान करेंगे।
2. दूसरे नंबर पर 9 बजे का समय जूना अखाड़ा व अग्नि अखाड़ा, आवाहन और किन्नर अखाड़ा को स्नान के लिए दिया गया है। जूना अखाड़े से निकलकर हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड में स्नान करेगा।
3. तीसरे नंबर पर महानिर्वाणी अपने साथी अटल के साथ कनखल से हर की पौड़ी की ओर रुख करेगा। इस अखाड़े के संत यहां से 9.30 बजे शाही स्नान के लिए निकलेंगे।
4. चौथे नंबर पर तीनों बैरागी अखाड़े श्री निर्मोही अणी, दिगंबर अणी, निर्वाणी अणी 10:30 बजे अपने हाथों से चलकर हर की पौड़ी पहुंचेंगे।
5.पांचवे नंबर पर श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा 12:00 बजे अपने अखाड़े से हर की पौड़ी की ओर रुख करेगा।
6. छठवें नंबर पर पंचायती नया उदासीन अखाड़ा लगभग 2:30 बजे अपने अखाड़े से हर की पौड़ी की ओर रुख करेगा।
7. सातवें और आखिरी में श्री निर्मल अखाड़ा 3 बजे के करीब अपने अखाड़े से हर की पौड़ी की ओर रूख करेगा।

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