प्राइवेट अस्पतालों की लूट पर सख्ती की मांग, जन संघर्ष मोर्चा ने शासन में दी दस्तक

अस्पतालों द्वारा की जा रही लूट पर अंकुश को मोर्चा ने दी शासन में दस्तक
प्राइवेट अस्पतालों पर अंकुश को विजिलेंस सेल गठित करने की रखी मांग |
नए अस्पताल खोलने के मानकों में भी हो परिवर्तन |
मृत मरीजों से इलाज के नाम पर लूट हो बंद |
देहरादून- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात कर अधिकांश नामी प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही लूट-खसोट, इलाज में लापरवाही व मृत मरीजों से इलाज के नाम पर लाखों के बिल बनाने एवं अन्य लूट पर अंकुश लगाने को चिकित्सकों एवं पुलिस अधिकारियों की देखरेख में विजिलेंस सेल गठित करने की मांग रखी एवं नये अस्पताल खोलने के मानकों में भी आमूल चूल परिवर्तन किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा,जिस पर मुख्य सचिव ने गंभीरता दिखाते हुए कार्यवाही का भरोसा दिलाया |
नेगी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों व चिकित्सकों का संयुक्त विजिलेंस सेल गठन होने से न सिर्फ आईसीयू/ वेंटीलेटर में भर्ती व मृत मरीजों व अन्य आपात स्थिति में मरीजों की पड़ताल हो सकेगी बल्कि मरीजों की वास्तविक स्थिति का आकलन भी हो सकेगा | इससे न सिर्फ मरीजों को राहत मिलेगी बल्कि आयुष्मान/ गोल्डन कार्ड इत्यादि के नाम पर हो रही लूट पर भी अंकुश लगेगा और नगद इलाज करने वाले मरीजों को भी राहत मिलेगी|
इसके साथ-साथ जिस तरह से सरकारी अस्पताल सिर्फ और सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, उस हेतु अस्पताल खोलने के मानकों में आमूल चूल परिवर्तन एवं अस्पतालों को अत्यधिक चाक-चौबंद करने की जरूरत है |
मोर्चा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने एवं प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही लूट को बंद कराकर ही दम लेगा|
प्रतिनिधि मंडल में- भीम सिंह बिष्ट व अंकुर वर्मा मौजूद थे |



