UTTARAKHAND

भाजपा की विचारधारा में है राष्ट्रवाद व संस्कृति की सोंधी महक : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की केंद्रीय विभाग मंडल प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधन 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी किया सम्मानित

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : बालावाला में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग मंडल प्रशिक्षण में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रवाद की विचारधारा व जीवन मूल्यों से आधारित सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। और वसुधैव कुटुंबकम् के भाव को सदा ही आगे बढ़ाया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया।
संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता हर्षमणि बिजल्वाण की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रवाद के मूल सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए ही पूर्व में जनसंघ की स्थापना हुई। हमारी विचार धारा में राष्ट्रवाद और संस्कृति की सोंधी महक है। इसमें भारतीय जीवन मूल्यों का दर्शन के साथ ही पुरखों और बड़ों के सम्मान की शिक्षा भी है और यही भाव भारतीय जनता पार्टी को अन्य राजनैतिक दलों से अलग करती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में विश्व के कुछ तथाकथित ताकतवर देश नहीं चाहते थे कि भारत देश आगे बढ़े। लेकिन आज संघ की नीति और शास्त्रों का अनुशरण करते हुए देश मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार के समक्ष देश की सेना ने बुलेटप्रुफ जैकेट व आधुनिक शस्त्र की मांग रखी। लेकिन तत्कालीन सरकार ने सेना की इस मांग तक की अनदेखी कर दी। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार में सेना के पास राफेल जैसी ताकत है। रक्षा उपकरणों में भी देश आत्मनिर्भर होने की दिशा में प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने संघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों का जिक्र करते हुए मुख्यंत्री ने कहा कि संघ ने कभी भी राष्ट्र की आत्मा से समझौता नहीं होने दिया। गोहत्या का विरोध और कश्मीर को मुख्य धारा से जोड़कर एक राष्ट्र एक विधान के लिए संघर्ष किया। उन्हीं आदर्शों पर चलते हुए भारतीय जनता पार्टी आज सबसे मजबूत पार्टी बनकर उभरी है। राम मंदिर का निर्माण हो या धारा 370। इस निर्णय पर देश की सर्वोच्च अदालत ने यह विचार जरूर किया होगा कि वर्तमान में देश में मजबूत आत्मबल वाली सरकार है। इतने बड़े फैसलों को भी पूरे देश में सर्वसम्मति से स्वीकार किया है ।

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