पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीटों के लिए वोटों की गिनती जारी है। इस महत्वपूर्ण मौके पर राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संभावित जीत की ओर बढ़ती दिख रही है, जहां वह 167 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 82 सीटों पर आगे है।
विजय रैलियों पर तत्काल प्रभाव से रोक
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सोमवार (मतगणना वाले दिन) को राज्य में कहीं भी जीत का जश्न मनाने के लिए विजय रैली या जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।
जिलाधिकारियों को निर्देशः चुनाव आयोग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DMS) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आज कोई भी विजयी उम्मीदवार या पार्टी सड़क पर जुलूस न निकाले।
हिंसा रोकने का प्रयासः यह फैसला मुख्य रूप से ‘पोस्ट-पोल वायलेंस’ यानी चुनाव के बाद होने वाली संभावित राजनीतिक हिंसा को रोकने के लिए लिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों से शांत रहने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
कल से मिलेगी अनुमति, लेकिन शर्तों के साथ
चुनाव आयोग ने विजय रैलियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि इसे एक दिन के लिए टाला है। मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दल कल (मंगलवार) से विजय रैलियां निकाल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन से पहले औपचारिक अनुमति लेनी होगी। बिना पुलिस की इजाजत के कोई भी रैली अवैध मानी जाएगी।
राज्य में शांतिपूर्ण चल रही है मतगणना
कानून-व्यवस्था और मतगणना की स्थिति की जानकारी देते हुए सीईओ ने बताया कि वोटों की गिनती की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल रही है। राज्य के किसी भी हिस्से से अब तक किसी भी हिंसक घटना या चुनाव से जुड़ी किसी मौत की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
एजेंटों की शिकायतों पर आयोग की नजर
हालांकि चुनाव शांतिपूर्ण है, लेकिन कुछ शिकायतें जरूर सामने आई हैं। विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने दिन की शुरुआत में पत्रकारों को बताया था कि चुनाव पैनल उन शिकायतों की सक्रिय रूप से जांच कर रहा है, जिनमें कहा गया था कि विभिन्न राजनीतिक दलों के मतगणना एजेंटों को मतगणना केंद्रों तक पहुंचने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
संक्षेप में, चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद किसी भी तरह के टकराव को टालने के लिए पूरी तरह से सतर्क है और जश्न के नाम पर माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश पर सख्ती से नजर रख रहा है।
