तेल संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती

नई दिल्ली: ईरान युद्ध के चलते देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ गया है, वहीं कच्चे तेल की कीमतें भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। इस स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का बड़ा फैसला लिया है।
सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाकर 13 रुपये से 3 रुपये कर दी है। वहीं डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे अब डीजल पर यह शून्य हो गई है।
हालांकि, इस कटौती के बावजूद आम उपभोक्ताओं को तुरंत राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल कंपनियां भारी घाटे में हैं और वे इस राहत का इस्तेमाल अपने नुकसान की भरपाई में कर सकती हैं।
बताया जा रहा है कि कंपनियां फिलहाल पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर बड़ा नुकसान झेल रही हैं। ऐसे में कीमतों में सीधी कटौती के बजाय इस फैसले से दामों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के चलते वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का इसी मार्ग से गुजरता है, जिससे भारत की ऊर्जा जरूरतों पर भी असर पड़ रहा है।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार के असर को कम करना और उपभोक्ताओं को महंगाई से कुछ हद तक राहत देना है।



