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नैनीताल में टैक्सी चालक ने महिला से दुष्कर्म का किया प्रयास, जान बचाने के लिए रातभर जंगल में छिपी रही पीड़िता

नैनीताल/देहरादून: पहाड़ों की शांत वादियों में सुकून की तलाश में निकली दिल्ली की 32 वर्षीय महिला के लिए नैनीताल की यात्रा एक भयावह अनुभव में बदल गई। टैक्सी चालक द्वारा कथित तौर पर दुष्कर्म का प्रयास किए जाने के बाद महिला को अपनी जान बचाने के लिए रातभर जंगल में छिपकर बितानी पड़ी।

पुलिस के अनुसार, महिला जो ट्रैकिंग और पर्वतारोहण की शौकीन है, गुरुवार रात करीब 11:30 बजे दिल्ली से बस द्वारा हल्द्वानी पहुंची थी। चूंकि उसने पहले से किसी होटल में बुकिंग नहीं कराई थी, इसलिए उसने नैनीताल पहुंचकर ठहरने की जगह ढूंढने की योजना बनाई। हल्द्वानी से उसने दीपक सिंह बोरा (39) नामक स्थानीय टैक्सी चालक की गाड़ी किराए पर ली। चूंकि वह पहली बार नैनीताल आ रही थी, इसलिए उसने यह सुनिश्चित करने के लिए अपने मोबाइल में जीपीएस ट्रैकिंग चालू कर दी कि चालक सही रास्ते से जा रहा है।

नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया, “करीब 1:30 बजे महिला ने देखा कि चालक गाड़ी को दूसरे रास्ते की ओर मोड़ रहा है। शक होने पर उसने चालक से सवाल किया। पहले तो चालक ने उसकी बात अनसुनी कर दी और गाड़ी चलाता रहा, लेकिन जब महिला ने दोबारा कड़ाई से पूछा तो उसने अचानक गाड़ी रोक दी, बाहर निकला और पीछे की सीट की ओर आकर कथित तौर पर दुष्कर्म करने की कोशिश की।”

एसएसपी के अनुसार, महिला ने साहस दिखाते हुए चालक को जोर से लात मारकर गिरा दिया। इसी मौके का फायदा उठाकर वह तुरंत गाड़ी से कूदकर पास के जंगल की ओर भाग गई।

नंगे पैर और भागते समय आई मामूली चोटों के बावजूद महिला ने पूरी रात जंगल में छिपकर बिताई। संघर्ष के दौरान आरोपी ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया था। कुछ मिनट बाद वह वापस उसी जगह आया और आसपास महिला को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे में उसे वह नहीं मिली। इसके बाद वह महिला का सामान लेकर वहां से फरार हो गया।

महिला की कठिन रात शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे खत्म हुई, जब दूध देने जा रही एक ग्रामीण महिला ने उसे देखा और ग्राम प्रधान को सूचना दी। इसके बाद ग्राम प्रधान ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और बाद में काउंसलिंग भी कराई गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (दुष्कर्म), 309(6) (लूट के दौरान चोट पहुंचाना) और 137 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जीपीएस और हल्द्वानी के सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की गाड़ी को ट्रैक कर उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। महिला का छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

जांच में शामिल एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला ने काउंसलर्स को बताया कि वह पूरी रात जंगल में एक बड़े पत्थर के पीछे छिपी रही। उसे वहां जंगली जानवरों का डर जरूर था, लेकिन उससे कहीं ज्यादा डर उस व्यक्ति से था जिसने उस पर हमला किया था। उसने यह भी कहा कि वह प्रकृति प्रेमी है और अंततः प्रकृति ने ही उसकी रक्षा की।

महिला के माता-पिता नैनीताल पहुंच गए थे और शनिवार को उसे अपने साथ दिल्ली वापस ले गए।

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