HARIDWAR

देवभूमि में शराब की फैक्ट्री और बूचड़खाने का क्या है औचित्य : प्रवीण तोगड़िया

देवभूमि रहने दो इसे दानव भूमि बनाने की न करें कोशिश

हरिद्वार को वैश्विक धरोहर घोषित कर इसकी रक्षा की जाय

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

हरिद्वार : अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि में शराब और बूचड़खाने का क्या औचित्य है यह उनकी समझ से परे है, साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि रहने दो इसे दानव भूमि बनाने की कोशिश की तो इसका हश्र बुरा होगा। उन्होए इसके साथ ही उनका ये भी कहना है कि हरिद्वार को वैश्विक धरोहर घोषित कर इसकी रक्षा की जानी चाहिए।

यहाँ भूपतवाला स्थित बंशी आश्रम में दो दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में भाजपा शराब फैक्ट्री का विरोध करती है, लेकिन सरकार बनने पर शराब की ठेकेदारी करती है। उनका कहना है कि हरिद्वार में सात किलोमीटर की दूरी में मांस-मदिरा पूर्ण रूप से वर्जित है, लेकिन हिंदुत्व की ठेकेदारी लेने वाली भाजपा सरकार के लोग मांस-मदिरा की अनुमति दे रहे हैं।

तोगड़िया ने कहा, देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री और मंगलौर में स्लॉटर हाउस किसी भी हालत में नहीं लगने दिया जाएगा। इसके लिए अगर जरूरत पड़ी तो संतों के नेतृत्व में प्रदेश और देश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक से पहले केंद्र सरकार राम मंदिर निर्माण, धारा 370, 35ए समाप्त करने, समान नागरिक संहिता का कानून बनाने, दो बच्चों से अधिक बच्चे पैदा करने पर रोक लगाने, गोहत्या का केंद्रीय कानून बनाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम छात्रों को स्कॉलर और विदेशों में पढ़ने के लिए सहायता दी जा रही है और हिंदुओं से इसके लिए टैक्स वसूला जा रहा है जो पूर्णतः अक्षम्य है। उन्हीने कहा कि 25 करोड़ हिंदु छात्रों को भी स्कॉलरशिप और विदेशों में पढ़ने के लिए सहायता दिलाने की मांग को लेकर देशभर में अभियान चलाया जाएगा।

मॉब लिंचिंग के सवाल पर प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि मथुरा में दुकान में बैठे यादव के बेटे को मार दिया जाता है, इसे कोई मॉब लिंचिंग क्यों नहीं कहता। क्या यादव का बेटा हमारा बेटा नहीं था। अलीगढ़ में बेटी को मार डाला, यह मॉब लिंचिंग से बड़ी घटना नहीं है क्या। सरहद पर सैनिक मर रहे हैं। उनकी भी चिंता की जाए। या फिर केवल एक मजहब के लिए ही मॉब लिंचिंग है। उनका कहना है कि हिंदु जातियों के आपस में विवाह करने वालों का सम्मान किया जाए, उन्हें संघर्ष का मुद्दा न बनाया जाए।

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