ऋषिकेश-भानियावाला-देहरादून हाईवे पर प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए 3,000 से अधिक पेड़ों के कटान का विरोध तेज हो गया है। अनूप नौटियाल ने इस परियोजना को पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र केवल जंगल नहीं, बल्कि हाथियों का महत्वपूर्ण कॉरिडोर भी है। उनका दावा है कि इस मार्ग पर सामान्य दिनों में ट्रैफिक का इतना दबाव नहीं है कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की आवश्यकता पड़े।
नौटियाल ने यह भी आरोप लगाया कि पेड़ों के कटान को लेकर कानूनी और नैतिक पहलुओं पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि 9 जनवरी 2026 के उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद कटान शुरू किया गया है, इसलिए संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट करना चाहिए कि किस अनुमति के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से परियोजना पर पुनर्विचार कर सड़क चौड़ीकरण और पेड़ों के कटान की प्रक्रिया रोकने की अपील की है।



