गैस संकट के बीच एक्शन में सीएम धामी, अचानक रेस्टोरेंट पहुंचकर लिया हालात का जायजा

देहरादून।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से भारत देश के साथ ही तमाम देशों में गैस और ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। वर्तमान समय में उत्तराखंड समेत देश के सभी राज्यों में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस की सप्लाई हो रही है, लेकिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस की सप्लाई सीमित की जा रही है। जिससे घरेलू गैस कनेक्शन धारकों को पर्याप्त मात्रा में एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जा सके। उत्तराखंड में बनी स्थितियों को जानने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को गढ़ीकैंट स्थित एक रेस्टोरेंट में पहुंचे। जहां उन्होंने स्थितियों का जायजा लिया।
कमर्शियल गैस कनेक्शन धारकों को सीमित मात्रा में गैस उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिसके चलते इसका सीधा असर व्यावसायिक खाद्य प्रतिष्ठानों पर पड़ रहा है। तमाम व्यावसायिक खाद प्रतिष्ठानों ने कुकिंग की वैकल्पिक व्यवस्था को भी कर लिया है।
जिससे उनके खाद्य प्रतिष्ठान सुचारू रूप से चलते रहें। जिन खाद्य प्रतिष्ठानों ने कुकिंग के वैकल्पिक व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आज सीएम धामी ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। सीएम धामी ने कहा अभी गैस का बहुत अधिक संकट नहीं है। फिर भी आने वाले दिनों में यदि जरूरत पड़ी तो देशवासियों को इस बार भी कोरोनाकाल की तरह एकजुटता के साथ इस चुनौती का सामना करना होगा। सीएम ने रेस्टोरेंट संचालक से गैस आपूर्ति के बारे में पूछा, इस दौरान रेस्टोरेंट संचालक ने कहा सप्लाई में थोड़ा कमी तो आई है लेकिन फिलहाल गैस लगातार मिल रही है। रेस्टोरेंट संचालक ने बताया कि वो गैस की खपत कम करने के लिए तंदूर का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने भी इस पहल की सराहना करते हुए प्रशासन को वैकल्पिक ऊर्जा के लिए जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा अभी गैस की आपूर्ति हो रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आपूर्ति सुचारू रखने के लिए पूरा प्रयास कर रही है।
उन्होंने सभी होटल, रेस्टोरेंट संचालकों के साथ ही आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो देश एकजुटता से इस चुनौती का सामना करेगा। जिस तरह कोरोना काल में देश ने एकजुटता का परिचय दिया था, उसी तरह का धैर्य का परिचय इस बार भी जरूरी है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा गैस के विकल्प के तौर पर इंडक्शन समेत अन्य विकल्पों का प्रयोग किया जा सकता है।



