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लोकसभा में दो ऐसे सांसद भी! नहीं लेते वेतन, एक ने तो सरकारी सुविधाएं भी ठुकराईं

नई दिल्ली: सांसद अक्सर पार्टियों की सीमाएं पार करके वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर एकजुट नजर आते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो एक पैसा भी पारिश्रमिक के रूप में नहीं लेना चाहते। एक सूचना का अधिकार (आरटीआई) जवाब से पता चलता है कि वर्तमान लोकसभा में केवल दो सांसदों ने अपना वेतन न लेने का विकल्प चुना है। एक बीजेपी से और दूसरा कांग्रेस से।

हालांकि, इनमें से एक ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। उन्होंने पद के साथ आने वाली सरकारी सुविधाओं और भत्तों को भी पूरी तरह ठुकरा दिया है। लोकसभा सचिवालय से मिले आरटीआई जवाब के अनुसार, ये दो सांसद कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद नवीन जिंदल और इनर मणिपुर से डॉ. बिमोल अकोइजाम अंगोमचा हैं।

इसके अलावा, जिंदल ने सरकारी भत्ते या सुविधाओं का भी लाभ नहीं लेने का फैसला किया है। उनके चुनावी हलफनामों के अनुसार, दोनों सांसदों की आर्थिक पृष्ठभूमि बहुत अलग है। कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल ने 1,241 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है, जबकि इनर मणिपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. बिमोल ने लगभग 97 लाख रुपए की संपत्ति घोषित की है।

जिंदल 18वीं लोकसभा के सबसे अमीर सांसदों में से एक हैं। हालांकि, वे सबसे अमीर नहीं हैं। यह सम्मान टीडीपी के गुंटूर से सांसद चंद्र शेखर पेम्मासानी को जाता है, जिन्होंने 5,705 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति घोषित की है। उनके बाद बीजेपी सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 4,568 करोड़ रुपए से अधिक है।

लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 481 वर्तमान सांसद वेतन लेने वाले के रूप में सूचीबद्ध हैं, जबकि आरटीआई जवाब में बाकी सांसदों की स्थिति के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। ध्यान देने वाली बात है कि संसद के निचले सदन में कुल 543 सीटें हैं, हालांकि फिलहाल दो सीटें खाली हैं।

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