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CBSE ने इस साल उठाया बड़ा कदम, 10वीं,12वीं में रैंक और डिस्टिंक्शन देने पर लगाई रोक

CBSE ने इस साल उठाया बड़ा कदम, 10वीं,12वीं में रैंक और डिस्टिंक्शन देने पर लगाई रोक

सीबीएसई बोर्ड ने हाल ही में 10वीं और 12वीं की टॉपर लिस्ट भी नहीं रिलीज की थी। बोर्ड ने स्टूडेंट्स के बीच अनहेल्दी कंपटीशन को बढ़ावा देने से रोकने के लिए यह निर्णय लिया था। इसके बाद अब बोर्ड की ओर से लिया गया है यह निर्णय भी स्टूडेंट्स के भीतर परीक्षा के तनाव को कम कर देगा जिससे स्टूडेंट्स बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे।साल 2023 बीतने को है। सूत्र

दिसंबर का महीना लग चुका है। अब से कुछ दिनों बाद ही हम सभी नए साल का वेलकम करेंगे। इसी बीच अगर बात करें कि इस वर्ष एजुकेशन फील्ड में क्या- क्या खास रहा तो बता दें कि यूं तो प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक कई बड़े फैसले हुए हैं। लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं सीबीएसई बोर्ड की ओर से लिया एक बड़े निर्णय की, जिसकी सब तरफ चर्चा हुई।यह निर्णय था कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) की ओर से अब 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट में डिस्टिंक्शन, परसेंटेज और ओवरऑल डिवीजन नहीं दिया देगा।

इसका मतलब यह हुआ कि किस स्टूडेंट्स फर्स्ट, सेकेंड या थर्ड डिवीजन हासिल की, यह जानकारी अब बोर्ड की ओर से नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही किस छात्र या छात्रा के किस विषय में बेहतर अंक आए, यह भी अब बोर्ड नहीं बताएगा।बोर्ड की ओर से लिए गए इस फैसले के बाद से निश्चित तौर पर बोर्ड परीक्षार्थियों पर रिजल्ट का प्रैशर कम किया जा सकेगा, क्योंकि अभी तक बोर्ड की ओर से जारी होने वाली डिवीजन या डिस्टिंक्शन से निश्चित तौर पर कहीं न कहीं बच्चों पर प्रत्येक सब्जेक्ट में बेहतर अंक हासिल करने और अच्छी रैंक लाने का दबाव रहता था।

हालांकि, अब इस निर्णय के बाद छात्र-छात्राओं को इस स्ट्रैस से मुक्ति मिल सकेगी।चूंकि सीबीएसई ने अपनी तरफ से डिवीजन या परसेंटेज नहीं जारी करने का फैसला लिया है। इसके तहत, अगर कोई सीबीएसई स्टूडेंट्स इंस्ट्टीयूट में प्रवेश के लिए अप्लाई करता है और इंस्टीट्यूट में एडमिशन प्रोसेस के लिए परसेंटेज होना जरूरी है तो स्टूडेंट की ओर से चुने गए 5 सब्जेक्ट्स में से बेस्ट ऑफ फाइव सब्जेक्ट्स चुनकर उस ग्रेड पर एडमिशन देने की जिम्मेदारी इंस्टीट्यूट की होगी।

सीबीएसई बोर्ड ने हाल ही में 10वीं और 12वीं की टॉपर लिस्ट भी नहीं रिलीज की थी। बोर्ड ने स्टूडेंट्स के बीच अनहेल्दी कंपटीशन’ को बढ़ावा देने से रोकने के लिए यह निर्णय लिया था। इसके बाद अब बोर्ड की ओर से लिया गया है यह निर्णय भी स्टूडेंट्स के भीतर परीक्षा के तनाव को कम करेगा।

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