‘घर’ की भावनाओं को कैमरे में उतारने वाले युवाओं का सम्मान, राष्ट्रपति निकेतन में हुआ फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कार्यक्रम
देहरादून, 19 अगस्त 2026 | वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के अवसर पर राष्ट्रपति निकेतन, देहरादून में ‘घर’ विषय/भाव पर आधारित फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने कैमरे और मोबाइल के माध्यम से घर, परिवार, रिश्तों, यादों, संस्कृति और अपनापन जैसे भावों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
प्रतिभागिता
कार्यक्रम में देहरादून के 12 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इनमें दून यूनिवर्सिटी, DAV पब्लिक स्कूल, BRICKS इंस्टीट्यूट, वेल्हम बॉयज स्कूल, देहरादून फोटोग्राफी क्लब, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, हेरिटेज स्कूल, जॉर्ज पब्लिक स्कूल, DAV कॉलेज, MKP, ICFAI और GRD इंस्टीट्यूट के छात्र शामिल रहे।
छात्रों ने ‘घर’ की अपनी विशिष्ट दृष्टि से तस्वीरें और वीडियो प्रस्तुत किए, जिनमें भावनाओं, यादों, संस्कृति, पहचान, अपनापन और रिश्तों की झलक प्रमुख रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम की रूपरेखा
कार्यक्रम में तीन श्रेणियों-फोटोग्राफी (कैमरा), फोटोग्राफी (मोबाइल) और वीडियोग्राफी में प्रविष्टियां आमंत्रित की गई। प्रतिभागियों ने ‘घर’ को अलग-अलग नजरिए से दर्शाते हुए अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां दी, जिनमें संस्कृति, परंपरा, संवेदनाएं और समाज के विविध पहलू उभरकर सामने आए।
प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, मौलिकता, तकनीकी गुणवत्ता और विषय की समझ के आधार पर किया गया।
निर्णायक मंडल
प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन भूमेश भारती, डॉ. कंचन नेगी, डॉ. नितिन कुमार, सतपाल सिंह गांधी और डॉ. क्षिति भौड़ियाल के विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायकों ने रचनात्मकता, मौलिकता, तकनीकी गुणवत्ता और विषय की समझ के आधार पर श्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन किया।
राष्ट्रपति निकेतन की टीम का सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्रपति निकेतन के प्रबंधक एवं समर्पित स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में प्रबंधक, राष्ट्रपति निकेतन के मार्गदर्शन के साथ-साथ Scholar सिद्धार्थ थपलियाल, विजय बिष्ट और राष्ट्रपति निकेतन की समस्त टीम का विशेष सहयोग एवं समन्वय रहा।
राष्ट्रपति निकेतन की टीम के सहयोग, व्यवस्थापन और समन्वय से प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतर मंच प्राप्त हुआ।
समापन
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि ‘घर’ केवल एक स्थान या चार दीवारों का नाम नहीं, बल्कि भावनाओं, पहचान, संस्कृति, रिश्तों और अपनापन का अनमोल संगम है। आयोजन ने युवाओं को फोटोग्राफी एवं दृश्य माध्यमों के जरिए अपनी सोच और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।


आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, सहयोगियों तथा राष्ट्रपति निकेतन के प्रबंधक, Scholar सिद्धार्थ चपलियाल, विजय बिष्ट एवं समस्त स्टाफ का हार्दिक आभार व्यक्त किया। heading



