


पंतनगर (ऊधमसिंहनगर) : प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के इतने बुरे हाल हैं कि यहां अधिकारियों को इस बात का पता तक नहीं कि किस अस्पताल में किस विधा का डॉक्टर अस्पताल का कमान देख रहा है और वह अस्पताल पंजीकृत है भी या नहीं अस्पतालों में उपकरणों की क्या स्थिति है। ताज़ा मामला पंतनगर के गोविंद वल्लभ पंत विश्वविद्यालय के एक अस्पताल का है जो बिना पंजीकरण के तो चल ही रहा है। वहीं मनुष्यों के स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले इस अस्पताल को बीते पांच सालों से एक पशु चिकित्सक चला रहा है।
इस अस्पताल का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो पता चला कि या अस्पताल तो मानव स्वास्थ्य के लिए खोला गया था और उसका काम देश रहा है एक पशु चिकित्सक। अस्पताल की हकीकत सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सालय को तीन दिन में प्रमाण पत्रों के साथ सीएमओ उधमसिंह नगर के कार्यालय में उपस्थित होने को नोटिस थमाया है।
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