देहरादून : खुद को उत्तराखंड और उत्तराखंड के युवाओं का हितैषी बताने वाला शख्स चंगुल में फंसने वालों का भरपूर इस्तेमाल करता है। राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार राजेश शर्मा इसका उदाहरण है। पहले तो राजेश के सरकार के खिलाफ जहर उगलवाया और अब अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में सारा दोष उसी पर लगा दिया। अगर अब भी उत्तराखंड के युवा नहीं समझे तो यह व्यक्ति उनका इसी तरह से इस्तेमाल करता रहेगा।
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