चैलेंज में शामिल छात्र-छात्राएं चुनौतियों का सामना करने के बताएँगे उपाय
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली। छात्र-छात्राओं में नई खोज करने की क्षमता को परखने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय के इनोवेशन सेल एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् ने फोर्ज और इनोवेशिओक्यूरिस के साथ मिलकर एक मेगा ऑनलाइन चैलेंज “समाधान” की शुरुआत की है।
इस चैलेंज में भाग लेने वाले छात्र-छात्राएं ऐसे उपायों की खोज करेंगे, जिनसे सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों एवं अन्य सेवाओं को असमय आई चुनौतियों का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा इस “समाधान” चैलेंज द्वारा नागरिकों को जागरूक बनाने का, किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए प्रेरित करने का, किसी भी संकट को रोकने का और लोगों को आजीविका दिलवाने में सहायता करने का काम भी किया जाएगा।
“समाधान” चैलेंज के अंतर्गत छात्र-छात्राओं और फैकल्टी को नए प्रयोग एवं नई खोज के लिए प्रेरित करना और उनको उस प्रयोग या खोज का परीक्षण करने के लिए एक मजबूत बेस उपलब्ध करवाना है। इस कार्यक्रम की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसमें भाग लेने वाले प्रतियोगियों के विचार कितने प्रभावशाली हैं, जो तकनीकी एवं व्यावसायिक रूप से ऐसे समाधान निकालें, जिनसे कोरोनावायरस जैसी महामारी से लड़ने में मदद हो।
इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आवेदन सात अप्रैल 2020 से लिए जाएंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 14 अप्रैल 2020 है। इस प्रतियोगिता में आगे जाने वाले प्रतिभागियों के नाम 17 अप्रैल 2020 को की जाएगी। इसके बाद आगे जाने वाले प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां 18 से 23 अप्रैल 2020 के बीच में जमा करनी होगी। आखरी लिस्ट 24 अप्रैल 2020 को जारी की जाएगी जिसके बाद 25 अप्रैल 2020 को ग्रैंड ऑनलाइन ज्यूरी अपना निर्णय लेगी।