देहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन प्रभावित हो गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
राजधानी देहरादून में शनिवार को हुई झमाझम बारिश से कई सड़कें पानी में डूब गईं और शहर के अनेक हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
अगले दो दिन प्रदेश में आपदा के लिहाज से भारी पड़ सकते हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
शनिवार को दून में सुबह से बादल मंडराते रहे और दोपहर में जोरदार बारिश का दौर शुरू हुआ। करीब तीन घंटे लगातार हुई बारिश से शहर पानी-पानी हो गया।
शहर के तमाम चौक-चौराहे जलमग्न हो गए और बारिश का पानी सड़कों पर बहता रहा, जिससे पैदल के साथ ही दुपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
मसूरी में भी बारिश आफत बनकर बरसी। दोपहर बाद देहरादून-मसूरी मार्ग पर गलोगी धार में पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
बाद में प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए खोला।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। रविवार को नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में आरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर की संभावना जताई गई है।
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चमोली में यलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को भी राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों के लिए भारी से अत्यंत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है।



