लोकभवन में महामहिम राज्यपाल महोदय को पुस्तक भेंट
उत्तराखंड की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में स्तम्भ लेखक एवं नवोदित साहित्यकार डॉ.कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ ने आज लोक भवन देहरादून में महामहिम राज्यपाल महोदय ले.जे.(सेवानिवृत्त ) गुरुमीत सिंह जी से शिष्टाचार भेंट की।
शिष्टाचार भेंट के अवसर पर नवोदित साहित्यकार डॉ.कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ ने भाषा संस्थान देहरादून के सहयोग से भारतीय त्योहारों के पीछे छिपे सामाजिक भाईचारे तथा सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता के संदेश को उजागर करती अपनी हाल ही में प्रकाशित गद्यकृति “भारतीय पर्व एवं उत्सव एकता और सद्भावना के प्रतीक” महामहिम राज्यपाल महोदय को सम्मानस्वरुप भेंट की।
डॉ.कमल किशोर डुकलान ने भारतीय समाज,उसकी सांस्कृतिक धरोहर तथा समकालीन जीवन-मूल्यों पर आधारित तथा साहित्य,समाज और संस्कृति के अंतर्संबंधों को उजागर करती अपनी प्रकाशनाधीन अगली गद्यकृति ‘चिंतन,संस्कृति और समाज का सार्थक दस्तावेज “विविधा” के मुख्य विषय वस्तु की विस्तृत जानकारी को महामहिम राज्यपाल महोदय से साझा की।
लोक भवन देहरादून में अत्यन्त अनुशासित व गरिमापूर्ण लोक मिलन कार्यक्रम के दौरान डॉ.कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ के द्वारा राज्यभर के प्रतिष्ठित क्षेत्रीय दैनिक समाचार पत्रों एवं लब्ध प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित हो रहे विविध सम सामयिक विषयों पर आधारित अपने लोकप्रिय आलेखों का संकलन महामहिम राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया।
लोक मिलन कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल ले.जे.(सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने प्रकाशित पुस्तक तथा प्रकाशनाधीन पाण्डुलिपि के लेखक डॉ. कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ को उनके इस योगदान के लिए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ कमल किशोर डुकलान ‘सरल’की यह गद्यकृति भावी पीढ़ी के लिए निसंदेह प्रेरणादायी व उपयोगी सिद्ध होगी।



