सुप्रीम फैसले से पहले, बनभूलपुरा में पुलिस का फ्लैग मार्च
हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले नैनीताल पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार को बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च निकालकर एरिया डोमिनेशन की कार्रवाई की। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में चेकिंग और सत्यापन अभियान भी तेज कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को प्रस्तावित है। इसे देखते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ प्रीवेंटिव डिटेंशन की कार्रवाई के साथ ही लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और विशेष ड्रोन के माध्यम से की जा रही है।
पुलिस ने रेलवे स्टेशन, लाइन नंबर-17, इंद्रानगर बड़ी रोड, मुजाहिद चौक, गोपाल मंदिर, ठोकर, शनि बाजार रोड, छोटी रोड इंद्रानगर, ताज मस्जिद, 16 नंबर तिराहा, गांधी नगर, लाइन नंबर-8, चोरगलिया रोड, ताज चौराहा और भारद्वाज चौराहा समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया।
फ्लैग मार्च एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र के नेतृत्व में निकाला गया। इस दौरान एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और एसपी संचार रेवाधर मठपाल के पर्यवेक्षण में पुलिस, पीएसी, एंटी राइट टीम, बीडीएस, फायर और ड्रोन टीम समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सहित विभिन्न थानों के प्रभारी और अधिकारी भी फ्लैग मार्च में शामिल रहे।
शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने स्पष्ट किया है कि शांति एवं कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन और निगरानी की कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही गई है।
अफवाहों से बचने की अपील
एसएसपी ने क्षेत्रवासियों से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करने और आगे की कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी तरह की अफवाह को फैलाने से बचने को कहा है।
पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लगातार निगरानी रख रही है। पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली भ्रामक या तथ्यहीन पोस्ट और टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



