जैसलमेर।
रेगिस्तान की गर्म हवाओं के बीच जैसलमेर के बाडाबाग गांव से ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने लोगों को परेशान कर दिया है। गांव के पास खुले इलाके में बड़ी संख्या में मृत पशुओं की लाशें पड़ी मिली हैं। इलाके में गायों और दूसरे पशुधन के शव खुले में पड़े रहने से तेज दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि आसपास खड़ा होना तक मुश्किल हो गया है। गर्मी के मौसम में सड़ते शवों से संक्रमण फैलने का डर भी लोगों को सता रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मृत पशुओं को तय जगह पर डालने की जिम्मेदारी ठेकेदार की थी, लेकिन लापरवाही की वजह से शव खुले क्षेत्र में ही फेंके जा रहे हैं। धीरे धीरे वहां पशुओं की लाशों का ढेर लग गया। गांव वालों का कहना है कि कई दिनों से यह स्थिति बनी हुई है और इसकी शिकायत भी कई बार प्रशासन तक पहुंचाई गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
दुर्गंध से परेशान ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक पूरे इलाके में बदबू फैली रहती है। गर्मी बढ़ने के साथ परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने तक में दिक्कत हो रही है। कई लोगों ने बताया कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। खुले में पड़े शवों पर जानवर और पक्षी मंडराते रहते हैं जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोग सिर्फ कागजों में काम दिखा रहे हैं जबकि जमीन पर हालात अलग नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते निस्तारण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। ग्रामीण अब डम्पिंग यार्ड को वहां से हटाने की मांग भी कर रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में प्रशासन
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। बताया जा रहा है कि प्रशासन की तरफ से संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही जल्द से जल्द मृत पशुओं का सही तरीके से निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि पशुधन को तय स्थान पर ही डाला जाए ताकि इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल नोटिस देने से काम नहीं चलेगा। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे कोई ऐसी लापरवाही करने की हिम्मत न करे। इलाके के लोग अब प्रशासन से वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की मांग कर रहे हैं ताकि बीमारी फैलने का खतरा खत्म हो सके।



