देहरादून । उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष नगर निकाय सीमा विस्तार, प्राइमरी शिक्षकों के आंदोलन समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा। विधानसभा में आयोजित
पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि नगरपालिका, नगरनिगम और नगरपंचायत सीमा विस्तार को लेकर सरकार को घेरा जाएगा। सीमा विस्तार पर मंत्री और सरकार खामोश हैं। विपक्ष सरकार के फैसले को लेकर कोर्ट जाएगा। सरकार गांव को कांक्रीट जंगल बनाने की तैयारी कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कांग्रेस प्राइमरी शिक्षकों के समर्थन में है।
शिक्षकों के जेल भरो आंदोलन में कांग्रेस उनका समर्थन करेगी। ट्रांसफर एक्ट और लोकायुक्त एक्ट लागू न करने पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। कहा कि विपक्ष कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में शामिल नहीं होगा। यदि सरकार माने की पिछली बार चूक हुई तो कार्यमंत्रणा समिति में जाएंगे।
उन्होंने कहा निर्वाचित ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्यों को, जिनका दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल शेष है, सरकार संविधान की किस धारा के तहत हटा सकती है। इसमें पूरी राजनीति चल रही है।
सरकार यदि इसका जवाब नहीं देगी तो न्यायालय के माध्यम से जवाब लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों पर ब्रिज कोर्स लादा जा रहा है। अभी उत्तराखंड में इंटरमीडिएट एक्ट के अनुसार व्यवस्था चल रही है। इसके अनुसार यदि कोई दस वर्ष से लगातार शिक्षण कार्य कर रहा है तो उसे प्रशिक्षित माना जाता है। शिक्षकों की न्यायोचित मांगों का कांग्रेस पूरा समर्थन करेगी और उनके किसी भी आंदोलन को अपना पूरा सहयोग देगी। सरकार को सभी कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए।
नोटबंदी व जीएसटी से जनता परेशान है। बेरोजगारी बढ़ी है। सब्जी व दाल के भाव आसमान छू रहे हैं। राशन की दुकानें बंद करने की नौबत आ रही है। इससे गरीबों में हाहाकार मचा हुआ है। कानून व्यवस्था की हालत यह है कि कुल अपराधों में से अधिकतम दस फीसद मामले की सुलझ पा रहे हैं। सरकार अभिसूचना और जांच इकाइयों को मजबूत नहीं कर पाई है। सहकारिता विभाग के माध्यम से दो फीसद ब्याज पर ऋण देने की बात हुई है लेकिन यह अभी सभी किसानों को नहीं मिल पाया है।

