मानव संसाधन विकास मंत्री ने सभी एनआईटी परिसरों को सुविधाओं से लैस करने और बाधाओं को दूर करने को कहा
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने पौड़ी गढ़वााल स्थित सुमाड़ी में बन रहे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के कार्यान्वन और क्रियान्वन की बुधवार को समीक्षा बैठक की।
समीक्षा बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि “केंद्रीय कैबिनेट ने 2019-20 में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों को स्थापित करने के लिए 1800 करोड़ रुपये दिए हैं। मुझे यह बताते हुए बेहद गर्व और ख़ुशी हो रही है कि त्रिची, सूरतकल, वारंगल, जयपुर, राउरकेला और गोवा की एनआईटी संस्थाओं ने एनआईआरएफ रैंकिंग में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।
मैं उन सभी संस्थाओं को बधाई देता हूँ और बाकि संस्थाओं को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता हूँ। मानव संसाधन विकास मंत्रालय देशभर के शिक्षण संस्थानों में उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।”
बैठक में अधिकारियों को सभी एनआईटी परिसरों को सभी सुविधाओं से लैस करने और इसके रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने को कहा गया। सुमाड़ी में बन रहे एनआईटी के परिसर में एक केंद्रीय विद्यालय बनाने की भी बात की गई। बैठक में मंत्रालय की वित्त सचिव दर्शन डबराल, अपर सचिव मदन मोहन, केंद्रीय विद्यालय कमिश्नर संतोष मल, संयुक्त सचिव स्वीटी चांसन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।