रुद्रप्रयाग।
बड़ी खबर सामने आई है। यहां नगरासू गुरुद्वारे में पंजाब से आए निहंग सिखों ने हंगामा कर दिया और लोगों को कथित रूप से बंधक बना लिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस-प्रशासन के साथ ITBP को भी मौके पर बुलाना पड़ा।
बताया जा रहा है कि निहंग सिख 16 जून को चमोली के कर्णप्रयाग बाजार में हुई घटना से नाराज थे और पिछले चार दिनों से नगरासू गुरुद्वारे में ठहरे हुए थे। शनिवार को उन्होंने गुरुद्वारे के सेवादारों और बाबा के साथ मारपीट की तथा वहां ठहरे लोगों को बंधक बना लिया। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर थी कि कर्णप्रयाग मामले में स्थानीय लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई और औपचारिक शिकायत क्यों दर्ज नहीं कराई गई।
निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और खुद को अंदर बंद कर लिया। इस दौरान उन्होंने छत से पत्थर भी फेंके, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। बाद में एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया, जबकि दूसरे सेवादार को कुछ समय तक बंधक बनाए रखा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात बिगड़ते देख ITBP को भी बुलाया गया, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। हालांकि क्षेत्र में अभी भी तनाव बना हुआ है और पुलिस व ITBP की भारी तैनाती की गई है। निहंग अभी भी गुरुद्वारे में डेरा डाले हुए हैं।
एहतियात के तौर पर 27 जून तक धारा 163 लागू कर दी गई है। वहीं रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर निहंगों से बातचीत की और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया।
गौरतलब है कि 16 जून को करणप्रयाग बाजार में हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान तलवारबाजी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसी घटना के बाद से तनाव बना हुआ है। मामले में कुछ निहंगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। वहीं गृह सचिव शैलेश बगौली ने कहा है कि भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

