राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास
देहरादून स्थित Indian Military Academy में 158वीं पासिंग आउट परेड भव्य रूप से संपन्न हुई। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया।
देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने भारतीय सैन्य अकादमी के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर देश को 481 नए सैन्य अधिकारी मिले, जिनमें पहली बार पास आउट हुई 9 महिला कैडेट भी शामिल हैं। अकादमी के विशाल कुमार को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में पीपिंग सेरेमनी आयोजित की गई और हेलीकॉप्टर से कैडेटों पर पुष्पवर्षा की।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित आईएमए (Indian Military Academy) में 158वीं पासिंग आउट परेड (Passing Out Parade) संपन्न हुई। इस बार आईएमए से कुल 515 जेंटलमैन कैडेट पास आउट होकर सैन्य अफसर बने। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की समीक्षा की और बेस्ट जेंटलमैन कैडेट को सम्मानित किया।

देश को मिले 481 नए सैन्य अफसर:भारतीय सेनाओं को 481 नए सैन्य अफसर मिले। इनमें आईएमए से पहली बार पास आउट होने वाली 9 महिला कैडेट भी शामिल हैं।भारत के 16 मित्र देशों के 34 जेंटलमैन कैटेड भी पास आउट हुए। इस बार आईएमए की पासिंग आउट परेड की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू थीं।

अतिथि सैन्य अधिकारियों का हुआ स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की परेड की समीक्षा
राष्ट्रपति ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ऑफिसर कैडेट को सम्मानित किया:राष्ट्रपति द्वारा परेड का निरीक्षण करने के बाद परेड की कदम ताल शुरू हो गई। परेड का निरीक्षण करने के बाद राष्ट्रपति ने कोर्स के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेट को सम्मानित किया।

विशाल कुमार को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ गोल्ड मेडल:अकादमी के विशाल कुमार को दो बड़े पुरस्कार मिले। उन्हें स्वॉर्ड ऑफर ऑनर और गोल्ड मेडल मिले। विशाल को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर ‘बेस्ट अमंग ऑफिसर CDTS’ के लिए मिला। REG कोर्स में टॉप करने पर विशाल को गोल्ड मेडल मिला।

प्रिंस राज को मिला सिल्वर मेडल:ऑफिसर कैडेट प्रिंस राज को REG कोर्स में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर सिल्वर मेडल मिला। ऑफिसर कैडेट तेजस भट्ट को REG कोर्स में तीसरा स्थान प्राप्त करने पर ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। ऑफिसर कैडेट हृषभ मिश्रा को टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम आने पर TGC सिल्वर मेडल मिला है।

स्पेशल कमीशन में बोधराज थापा को गोल्ड मेडल: स्पेशल कमीशन में बोधराज थापा को गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ। करन पांडे को TES कोर्स में प्रथम आने पर सिल्वर मेडल मिला। मित्र देशों में बांग्लादेश के कैडेट को बेस्ट कैडेट का पुरस्कार मिला। इसके बाद राष्ट्रपति ने जेंटलमैन कैडेट से सैन्य ऑफिसर बने जांबाजों को संबोधित किया।

पीपिंग सेरेमनी: राष्ट्रपति का संबोधन पूरा होने के बाद सभी ऑफिसर कैडेट्स ने भारतीय सैन्य अकादमी से विदा ली। सैन्य अकादमी से अंतिम पग भरने के साथ सभी कैडेट्स ने भारतीय सेना में पहला पग रखा है सैन्य अधिकारी बन गए। इस दौरान हेलीकॉप्टर से सभी ऑफिसर कैडेट्स पर फूल बरसाए गए। अंतिम पग के बाद IMA एकेडमी में पीपिंग सेरेमनी की शुरू हुई।

बेस्ट ऑफिसर कैडेट
स्वॉर्ड ऑफ आनर एवं गोल्ड मेडल- विशाल कुमारसिल्वर मेडल- प्रिंस राजब्रॉन्ज मेडल – तेजस भट्टसिल्वर मेडल (टीजीसी) – हृषभ मिश्रासिल्वर मेडल (टीईएस) – करण पांडेयसिल्वर मेडल (एससीओ) – बोधराज थापासर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट – जैफ सादिद अल्वी, बांग्लादेशचीफ आफ आर्मी स्टाफ बैनर – इंफाल कंपनी
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 9 महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक पास आउट होना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो महिला-नेतृत्व वाले विकास तथा सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
वैश्विक रक्षा सहयोग का सशक्त प्रतीक
परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए। राष्ट्रपति ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक बताया।
भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान
राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्रपति ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

