National Flag Day 2026
भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की आजादी, एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। जब भी तिरंगा लहराता है, करोड़ों भारतीयों के मन में गर्व, सम्मान और देशभक्ति की भावना जाग उठती है। स्कूलों, सरकारी समारोहों, राष्ट्रीय पर्वों और खेल प्रतियोगिताओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, तिरंगा भारत की पहचान बनकर पूरी दुनिया में सम्मान के साथ फहराया जाता है।
हर साल 22 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज दिवस (National Flag Day) के रूप में याद किया जाता है। इसी दिन 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा ने वर्तमान तिरंगे को स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। इसलिए यह तारीख भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखती है। हालांकि, यह दिन स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) या गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की तरह राष्ट्रीय अवकाश नहीं है, बल्कि तिरंगे के इतिहास और उसके महत्व को याद करने का अवसर माना जाता है।
आइए जानते हैं राष्ट्रीय ध्वज दिवस 2026 कब है, इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है और भारतीय तिरंगे से जुड़े 10 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें हर भारतीय को जानना चाहिए।
22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था तिरंगा
भारत की संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को वर्तमान तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया।
इसके कुछ सप्ताह बाद, 15 अगस्त 1947 को देश की आजादी के साथ यही तिरंगा स्वतंत्र भारत की पहचान बना।
तिरंगे के तीन रंगों का क्या अर्थ है?
भारतीय ध्वज में तीन क्षैतिज रंग हैं,
केसरिया: साहस, त्याग और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक।
सफेद: शांति, सत्य और ईमानदारी का संदेश।
हरा: समृद्धि, विकास और प्रकृति का प्रतीक।
बीच में बना गहरे नीले रंग का अशोक चक्र निरंतर प्रगति और न्याय का प्रतीक माना जाता है।
अशोक चक्र में हैं 24 तीलियां
तिरंगे के मध्य स्थित अशोक चक्र सारनाथ के अशोक स्तंभ से प्रेरित है।
इसमें 24 तीलियां हैं, जो गति, धर्म और निरंतर आगे बढ़ने के विचार का प्रतीक मानी जाती हैं।
तिरंगे से जुड़े 10 रोचक तथ्य
भारतीय ध्वज का अनुपात 3:2 होता है।
तिरंगा 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया था।
बीच में 24 तीलियों वाला अशोक चक्र होता है।
वर्तमान डिजाइन का श्रेय पिंगली वेंकैया को दिया जाता है।
तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
भारतीय ध्वज संहिता के तहत ध्वज के प्रदर्शन और उपयोग के नियम निर्धारित हैं।
तिरंगा भारत की संप्रभुता और एकता का प्रतीक है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में यह भारत का प्रतिनिधित्व करता है।
स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर पूरे देश में विशेष रूप से फहराया जाता है।
आज तिरंगा भारत की वैश्विक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतीकों में से एक है।
तिरंगे का सम्मान करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग हमेशा सम्मान और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए।
ध्वज को जमीन पर न गिरने दें।
फटा या क्षतिग्रस्त तिरंगा न फहराएं।
ध्वज का उपयोग ऐसे तरीके से न करें जिससे उसका सम्मान कम हो।
ध्वज फहराते समय संबंधित नियमों का पालन करें।
राष्ट्रीय अवसरों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराएं।



