TMC में बड़ी बगावत: 20 सांसदों ने छोड़ा साथ, एनडीए को समर्थन देने का ऐलान
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने अपनी पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय करने और एनडीए (NDA) को समर्थन देने का फैसला किया है।
बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से मुलाकात कर अपने फैसले की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, अलग संसदीय दल बनाने में कानूनी अड़चनों के कारण सांसदों ने एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल में विलय का रास्ता चुना।
बागी सांसद Sudip Bandyopadhyay ने कहा, “हमने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी जॉइन कर ली है और उसमें विलय हो गए हैं। असली टीएमसी कौन है, इसका फैसला अब अदालत करेगी।”
इस घटनाक्रम के बाद टीएमसी नेता Abhishek Banerjee ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि टीएमसी को एक ही राजनीतिक दल माना जाए और किसी अलग गुट को मान्यता या सुविधाएं न दी जाएं।
इस बीच, ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले Sudip Bandyopadhyay के बागी खेमे में शामिल होने से विद्रोही गुट को बड़ी मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि सांसदों और विधायकों की अपील के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
बगावत के बाद टीएमसी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए बागी नेताओं Sayoni Ghosh, Mala Roy और Sudip Bandyopadhyay को महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया है। वहीं Saugata Roy को लोकसभा में पार्टी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से टीएमसी में लगातार असंतोष और बगावत का दौर जारी है, जिससे पार्टी गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है।

