नई पीढ़ी को अपने पुरानी गीतों का भाव और उसका मतलब समझाने का प्रयास : लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून : लोकगायक, लोककवि और लोक संगीत के पुरोधा नरेंद्र सिंह नेगी आजकल अपने पुराने गानों को नई पीढ़ियों को समझाने का बीड़ा उठाये हुए हैं वे नई पीढ़ी को अपने पुरानी गीतों का भाव और उसका मतलब समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा बहुत लम्बे समय से मेरे गीत सुन रहे हैं , गीत सुनते -गाते 45 साल हो चुके हैं,आप लोग उन गीतों के भाव को समझते रहे हैं लेकिन यह प्रयास पहाड़ के उन लोगों के लिए है जो या तो पहाड़ से दूर हो चुके हैं या उन्हें पहाड़ की बोली या गीतों के भाव समझ नहीं आते हैं या उनके भाव समझने में उन्हें दिक्क्त होती है। उन्होंने कहा हम कोशिश कर रहे हैं उन गीतों से जुड़ी कथा उन गीतों से जुड़े रिएक्शन , प्रतिक्रिया पर आप लोगों से बात करूंगा और गीतों को सुनाने की कोशिश करूंगा।
उन्होंने कहा हर हफ्ते एक नए गीत और उसकी बात को लेकर आपके सामने आऊंगा मुझे आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।
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नई पीढ़ी को अपने पुरानी गीतों का भाव और उसका मतलब समझाने का प्रयास : लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी देवभूमि मीडिया ब्यूरो देहरादून : लोकगायक, लोककवि और लोक संगीत के पुरोधा नरेंद्र सिंह नेगी आजकल अपने पुराने गानों को नई पीढ़ियों को समझाने का बीड़ा उठाये हुए हैं वे नई पीढ़ी को अपने पुरानी गीतों का भाव और उसका मतलब समझाने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा बहुत लम्बे समय से मेरे गीत सुन रहे हैं , गीत सुनते -गाते 45 साल हो चुके हैं,आप लोग उन गीतों के भाव को समझते रहे हैं लेकिन यह प्रयास पहाड़ के उन लोगों के लिए है जो या तो पहाड़ से दूर हो चुके हैं या उन्हें पहाड़ की बोली या गीतों के भाव समझ नहीं आते हैं या उनके भाव समझने में उन्हें दिक्क्त होती है। उन्होंने कहा हम कोशिश कर रहे हैं उन गीतों से जुड़ी कथा उन गीतों से जुड़े रिएक्शन , प्रतिक्रिया पर आप लोगों से बात करूंगा और गीतों को सुनाने की कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा हर हफ्ते एक नए गीत और उसकी बात को लेकर आपके सामने आऊंगा मुझे आपकी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।
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