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देश के 28 वें सेना प्रमुख बने जनरल मुकुंद नरवाणे

नरवाणे ने संभाली 28 वें नए सेना प्रमुख पद की जिम्मेदारी 

जनरल बिपिन रावत ने बैटन देते हुए अपनी कुर्सी पर बैठाया

जनरल बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद की बुधवार से संभालेंगे जिम्मेदारी

देवभूमि मीडिया ब्यूरो  

नई दिल्ली । जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने 28 वें नए सेना प्रमुख पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। इससे पहले जनरल बिपिन रावत ने उन्हें बैटन देते हुए अपनी कुर्सी पर बैठाया और हाथ मिलते हुए उन्हें शुभकमाएँ दी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद जनरल नरवाणे देश की 13 लाख सैनिकों वाली थलसेना की करेंगे अगुवाई करेंगे। 

जनरल नरवणे ने सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली प्रतिक्रिया में कहा- ‘ये ज़िम्मेदारी मिलना सम्मान की बात है.’ वहीं नई ज़िम्मेदारी से जुड़ी चुनौतियों के बारे में पूछे जाने के सवाल पर जनरल नरवणे ने कहा, “फोकस किए जाने वाले क्षेत्रों पर तत्काल कुछ कहना जल्दी होगा. आने वाले समय के साथ इस पर आगे बढ़ा जाएगा.”   

उल्लेखनीय है कि थलसेनाध्यक्ष का पद संभालने से पहले जनरल नरवणे उप-सेना प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) की जिम्मेदारी निभा रहे थे।  उप-सेना प्रमुख बनने से पहले वे पूर्वी कमान का नेतृत्व कर रहे थे जो चीन से लगने वाली करीब 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा करती है। 

जनरल नरवणे अपने 37 साल के कार्यकाल में कई कमान और स्टाफ नियुक्तियों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।  उन्होंने फील्ड, शांति काल में ड्यूटी के साथ जम्मू और कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट में गड़बड़ी वाले क्षेत्रों में अहम ऑपरेशन्स को भी अंजाम दिया है। 

जनरल नरवणे ने जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियंस की कमान संभालने के साथ पूर्वी फ्रंट पर इन्फैन्ट्री ब्रिगेड की अगुवाई की है।  वे श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स का हिस्सा भी रह चुके हैं।  इसके अलावा जनरल नरवणे ने म्यामांर में भारतीय दूतावास में तीन साल तक डिफेंस अटैचे के तौर पर भी कार्य किया।

अब जनरल बिपिन रावत बुधवार (एक जनवरी) से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। जनरल बिपिन रावत को देश के पहले सीडीएस होंगे। सीडीएस की नियुक्ति तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन समन्वय के लिए की गई है।

जनरल बिपिन रावत ने अपने विदाई संदेश में जवानों और देशवासियों को नए साल की बधाई देते हुए उन्होंने बतौर सेना सभी विभागों से मिले सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना बेहतर तरीके से तैयार है। जनरल रावत ने इस दौरान कहा कि भारतीय सेना में सेना प्रमुख का पद सिर्फ एक ओहदा मात्र है। वो अकेले काम नहीं करता, सेना के सभी जवान सहयोग करते हैं तभी वह काम कर पाता है और इस सहयोग से सेना आगे बढ़ती है। इससे पहले उन्हें साउथ ब्लॉक में उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने  राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 

जनरल रावत ने विदाई संदेश में कहा, ‘आज, मैं भारतीय सेना के उन सैनिकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में स्थिर रहे हैं। मैं जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो 28 वें सेना प्रमुख के रूप में पद ग्रहण करेंगे।उनका मैं सहयोग करता रहूंगा। सेना भी उनका सहयोग करती रहेगी। उम्मीद है कि नए सेना प्रमुख के अंडर में सेना अधिक से अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।’

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