हरिद्वार। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तेवर तल्ख हैं। मोरारी बापू की रामकथा के समापन पर हरिद्वार पहुंचे सीएम धामी ने मंदिरों से चढ़ावा चोरी के कृत्य को गाय और मां-बाप की हत्या करने जैसा बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी के मामले में जो भी दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
रामकथा के मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि की आध्यात्मिक गरिमा, संस्कृतिक मर्यादा और देवत्व व मूल स्वरूप की रक्षा करना, मुख्य सेवक होने के नाते मेरा ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लोग यह अपेक्षा करते हैं कि देवभूमि कैसी होनी चाहिए।
इसलिए हमने वचन लिया है कि देवभूमि की रक्षा के लिए, अस्मिता को सुरक्षित रखने के लिए जैसे अभी तक अनेक कार्य किए हैं, आगे भी करते रहेंगे। कहा कि छल-कपट करने वालों के लिए सख्त धर्मांतरण का कानून उत्तराखंड में लागू किया, अब यहां कोई धर्मांतरण नहीं कर पाएगा।
पूरे देश में उत्तराखंड के प्रदेशवासियों को सौभाग्य मिला कि समान नागरिक संहिता का कानून लागू हुआ। सीएम ने कहा कि गंगा यहां गंगोत्री से निकलकर पूरे देश को जल और जीवन देती है, उसी प्रकार समान नागरिक संहिता की गंगोत्री भी यहां से निकलकर पूरे देश को जल और जीवन देने का काम करेगी।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे स्थान पर ऐसा कृत्य गौ हत्या और अपने मां-बाप की हत्या के समान महापाप है, यह क्षमा योग्य नहीं है।
बताया कि इस मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मंदिरों के प्रबंधन में बदलाव से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इसके लिए जांच समिति बना दी गई है। समिति अपनी रिपोर्ट देगी कि बेहतर प्रबंधन के लिए और क्या-क्या ठोस उपाय किए जा सकते हैं।
देवभूमि में स्थापित हों ज्ञान व शिक्षा के मंदिर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लैंड जिहाद, लव जिहाद जो हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं, देवभूमि और देश साफ सुथरा रहे, विशेषकर हमारे तीर्थस्थलों पर। इसलिए थूक जिहाद जैसी बड़ी चुनौती के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अभी मदरसा बोर्ड भंग किया है, प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित पाठयक्रम ही सभी मदरसाें में पढ़ाया जाएगा।
हमारा संकल्प है, देवभूमि में राष्ट्रविरोध मानसिकता वाले अलगावादी नहीं, बल्कि ज्ञान और शिक्षा के मंदिर स्थापित होने चाहिए। इसी कड़ी में हमने दून विवि में स्टडीज फॉर हिंदू की स्थापना की है।
विश्व को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया हिंसा व आतंकवाद से जूझ रही है। कभी मिडिल ईस्ट में, कभी रूस-यूक्रेन युद्ध हो रहा है। तब भारत की सनातन संस्कृति सबको वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना महामारी के समय साक्षात कर दिखाया।
जब हमें भी वैक्सीन की जरूरत थी, उस समय 100 से ज्यादा देशों से भारत निर्मित वैक्सीन देकर जीवन बचाने का काम किया। आज भी जब दुनिया के किसी न किसी देश में कोई संकट आ रहा है, लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख का इंतजार कर हरे हैं। ये हम सबके लिए गर्व की बात है। हमारी संस्कृति सह अस्तित्व की शिक्षा देती है।

