उत्तराखंड में UTU का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया है। यहां एग्जाम से पहले ही छात्रों के पास क्वेश्चन पेपर पहुंचने से हजारों बेकसूर इंजीनियरिंग छात्रों के महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। मामला देहरादून स्थित उत्तराखंड की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटियों में से एक वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (UTU) का है।
यहां 2025-26 के इंजीनियरिंग छात्रों के इवन-सेमेस्टर (Even-Semester) परीक्षा होनी थी। लेकिन एग्जाम से पहले ही 2 इम्पोर्टेन्ट सब्जेक्ट्स, ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ और दूसरा ‘इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ का पेपर होना था। लेकिन एग्जाम हो पाता इससे पहले ही छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप पर पेपर आ गया। शिकायत के बाद जब यूनिवर्सिटी ने जांच कराई तो जांच में पेपर तैयार करने वाले शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता दोषी पाया गया। जिसके बाद दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, जिनका दोबारा आयोजन अगस्त के तीसरे हफ्ते में किया जाएगा।
वहीं प्रोफेसर को 7 साल के लिए सस्पेंडकर दिया गया है। लेकिन पेपर लीक के बाद UTU के 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों बेकसूर छात्रों के, महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। और UTU के शिक्षा प्रबंधन पर और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।



