
देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना की प्रथम वर्षगांठ समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 23 सितम्बर 2018 को देश को विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत योजना’ दी। इस योजना से 10 करोड़ बी.पी.एल परिवार लाभान्वित हुए हैं। इससे प्रेरित होकर 25 दिसम्बर 2018 को उत्तराखंड में ‘अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना’ का शुभारम्भ किया गया। राज्य सरकार ने अटल आयुष्मान योजना से जोड़कर उत्तराखंड को देश का पहला राज्य बना दिया है जहां इस योजना से राज्य के सभी परिवारों को आच्छादित किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश में एक करोड़ 10 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना की प्रथम वर्षगांठ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। सम्बोधन से पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। वहीं मुख्यमंत्री ने अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत सराहनीय कार्य करने वाले सरकारी एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो, इसके लिए प्रत्येक जनपद में आईसीयू की शुरूआत की गई है। अभी तक आठ जनपदों में आईसीयू बन चुके हैं, शेष में एक वर्ष के अन्दर बनकर तैयार हो जायेंगे। पर्वतीय क्षेत्रों को दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक प्रकार की जांच की सुविधा हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष प्रयास करने होंगे। इस योजना को और अच्छी तरह से कैसे संचालित किया जाय, इसके लिए और अधिक प्रयासों की भी उन्होंने जरूरत बतायी, इस योजना से ऐसे लोगों को उपचार हेतु सुविधा मिली है, जो काफी सालों से धन के अभाव के कारण अपना ईलाज नहीं करा पा रहे थे।
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