केदारनाथ भूस्खलन।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भीषण तबाही
खौफनाक भूस्खलन के बीच फंसे केदारनाथ के 10000 से ज्यादा श्रद्धालुओं को मौत के मुंह से निकल गया।
आचार्य प्रशांत ने कहा:-
पिछले 5 साल में उत्तराखंड में 3000% वृद्धि हुई है लैंडस्लाइड। वैज्ञानिक कह रहे हैं कि उसका कारण है प्रदेश की डेन्यूटेड हिलसाइड। पेड़ों को काट काट के पर्वतों को नंगा कर दिया गया। 3000 प्रतिशत वृद्धि हुई है लैंडस्लाइड में… और पिछले 20 सालों में चंडीगढ़ के कुल क्षेत्र से 5 गुना ज्यादा क्षेत्र के वन उत्तराखंड ने खो दिए।
एक बड़ा भूकंप आना बाकी है और भूकंप आने की संभावना हम बहुत-बहुत बड़ा देते हैं जब हम पर्वतों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
हिमालय से दिल्ली की सीधी सीधी दूरी बहुत ज्यादा नहीं है। मुश्किल से 200 डेढ़ सौ किलोमीटर। पहाड़ों पर भूकंप आएगा तो दिल्ली बच नहीं पाएगी । दिल्ली अपना विकास अपनी जेब में रख ले।



