देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में पुलिस की गोली से घायल होकर दिव्यांग और पूरी तरह शय्याग्रस्त हुए दो राज्य आंदोलनकारियों की देखरेख के लिए सरकार ने 20-20 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मंजूर की है। इस धनराशि से दोनों आंदोलनकारियों के लिए एक-एक सहायक की व्यवस्था की जाएगी।
सचिव गृह शैलेश बगौली ने 6 नवम्बर को इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसके तहत हरिद्वार जिले के रुड़की निवासी प्रकाश चन्द्र कांन्ति पुत्र जय कृष्ण कांन्ति तथा देहरादून निवासी अमित ओबराय को यह सुविधा मिलेगी।
शासनादेश के अनुसार, दोनों आंदोलनकारी राज्य आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से घायल हुए थे। गंभीर रूप से विकलांग होने के कारण वे पूरी तरह बिस्तर पर रहने को मजबूर हैं। वर्तमान में उन्हें शासनादेश के तहत 30 हजार रुपये प्रतिमाह विशेष सम्मान पेंशन दी जा रही है। अब उनकी दैनिक देखभाल और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सहायक रखने के लिए अलग से 20 हजार रुपये प्रतिमाह देने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल ने इस अतिरिक्त आर्थिक सहायता को स्वीकृति प्रदान की है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में होने वाला व्यय राज्य आंदोलनकारी पेंशन मद के तहत सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण कार्यक्रम से वहन किया जाएगा। वित्त विभाग की सहमति के बाद शासन ने यह आदेश जारी किया है।
इस निर्णय से दोनों आंदोलनकारियों को अब विशेष सम्मान पेंशन के 30 हजार रुपये के अतिरिक्त सहायक की व्यवस्था के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यानी प्रत्येक को कुल 50 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध होगी।
धामी सरकार के इस फैसले की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। आंदोलनकारी शक्तियों ने इसे सराहनीय कदम करार दिया।



