देहरादून : हरेला उत्तराखण्ड का लोक पर्व है। वर्षा के यौवन के साथ हरियाली की रंगत का यह पर्व धरती की बहुमुखी समृद्धि का दिग्दर्शक है। धरती का कोना-कोना जब नवजीवन का राग गाते हुए आगे बढ़ता है तो लोकमानस नवस्फूर्ति, नवोल्लास से भर जाता है। यह चौमासे की वह अवधि होती है, जब धरतीपुत्र अपने पुरुषार्थ की पराकाष्ठा से एक समृद्ध जीवन की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, वर्षा-मिट्टी-ताप और श्रम के सर्वोत्तम समन्वय से धरती को अर्थपूर्ण बनाते हैं, अपने भाग्य की रेखाएं अपने हाथों से स्वयं खींचने का सामर्थ्य पैदा करते हैं। इसी मौसम में श्रमशील समाज अपने श्रम का सर्वोत्तम प्रतिफल प्राप्त करते हैं।
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