देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में प्रकृति को पूजा जाता है और हम सभी प्रकृति के बहुत करीब रहते हैं। पर्यावरण और हमारे रीति रिवाजों, परंपराओं और संस्कृति में गहरा रिश्ता है। उत्तराखंड में वृक्षों को बचाने के लिए चिपको आंदोलन की शुरुआत की गई, जिसने पूरे विश्व को पेड़ों के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाई।
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देवभूमि मीडिया ब्यूरोदेहरादून। उत्तराखंड में प्रकृति को पूजा जाता है और हम सभी प्रकृति के बहुत करीब रहते हैं। पर्यावरण और हमारे रीति रिवाजों, परंपराओं और संस्कृति में गहरा रिश्ता है। उत्तराखंड में वृक्षों को बचाने के लिए चिपको आंदोलन की शुरुआत की गई, जिसने पूरे विश्व को पेड़ों के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाई। चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरादेवी ने विश्व में पर्यावरण संरक्षण की जो अलख जगाई, उसकी रोशनी में उत्तराखंड के साथ पूरे भारत में वृक्षों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए। हम आपके लिए पर्यावरण दिवस के मौके पर कुछ संदेश लेकर आए हैं।विश्वभर में ख्याति प्राप्त पर्यावरणविद् पद्मविभूषण, राइट लाइवलीहुड अवार्ड से सम्मानित सुंदरलाल बहुगुणा, पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली, वृक्ष मित्र प्रभा देवी सेमवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर संदेश दिया है। श्री बहुगुणा कहते हैं कि सादगी और संयम से पर्यावरण का संरक्षण किया जा सकता है। उनका कहना है कि जरूरतों को कम करो, पर्यावरण बच जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड को प्रकृति के बहुत करीब बताया और संदेश दिया कि हम सभी अपने जीवन के खास मौकों पर पौधे लगाएं और उनका संरक्षण करें।
चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरादेवी ने विश्व में पर्यावरण संरक्षण की जो अलख जगाई, उसकी रोशनी में उत्तराखंड के साथ पूरे भारत में वृक्षों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए।
हम आपके लिए पर्यावरण दिवस के मौके पर कुछ संदेश लेकर आए हैं।
विश्वभर में ख्याति प्राप्त पर्यावरणविद् पद्मविभूषण, राइट लाइवलीहुड अवार्ड से सम्मानित सुंदरलाल बहुगुणा, पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली, वृक्ष मित्र प्रभा देवी सेमवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर संदेश दिया है। श्री बहुगुणा कहते हैं कि सादगी और संयम से पर्यावरण का संरक्षण किया जा सकता है। उनका कहना है कि जरूरतों को कम करो, पर्यावरण बच जाएगा।
वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड को प्रकृति के बहुत करीब बताया और संदेश दिया कि हम सभी अपने जीवन के खास मौकों पर पौधे लगाएं और उनका संरक्षण करें।
वीडियो साभारः बीइंग उत्तराखंडी फेसबुक फेज



