


उत्तरकाशी । सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत पत्नी मधुलिका रावत के साथ अपने ननिहाल धनारी पट्टी स्थित थाती गांव में पहुंचे, जहां वे अपने ममेरे भाई नरेंद्र पाल परमार और उनके परिवार से मिले। इस दौरान जनरल बिपिन रावत ने अपने बचपन की यादें साझा की। इस दौरान उन्होंने राजराजेश्वरी मंदिर पूजा अर्चना भी की। लगभग एक घंटे तक थाती गांव में रुकने के दौरान उन्होंने दाल की पकौड़ी और पूड़ियों का स्वाद लिया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आर्मी चीफ सुबह करीब साढ़े नौ बजे हर्षिल से हेलीकॉप्टर के जरिए मातली स्थित आईटीबीपी हेलीपैड पहुंचे। जहां से सड़क मार्ग से करीब 30 किमी का सफर तय करके वह थाती गांव पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने ढोल दमाऊं और फूल मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। सबसे पहले आर्मी चीफ ने कुल देवी मां राजराजेश्वरी मंदिर में करीब 15 मिनट तक पूजा अर्चना की। जिसके बाद करीब आधा किमी पैदल चलकर अपने ममेरे भाई नरेंद्र परमार के घर पहुंचे। गांव के मुख्य द्वार पर भारत माता और भारतीय सेना के जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान जनरल रावत ने अपने नाना के लकड़ी और पत्थर से बने दशकों पुराने पांच मंजिला (पंचपुरा) घर को देखा और इस घर से जुड़ी यादें साझा कीं। इसके बाद उन्होंने अपने ममेरे भाई नरेंद्र सिंह परमार व बहू संगीता देवी सहित सभी परिजनों से मुलाकात कर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई।
इस बीच उनकी धर्मपत्नी ने परिजनों को उपहार भेंट किए। जबकि रिश्तेदारों ने भी उन्हें परिवार से जुड़ी पुरानी तस्वीरें तथा शॉल आदि सौगात भेंट की। इस मेल मुलाकात के दौरान जनरल रावत ने सभी लोगों का आभार प्रकट करते हुए जल्द ही दोबारा लौटने व गांव के विकास में सहयोग देने का भरोसा दिया।
Sign in to your account

