” क्या हैं जंगल के उपकार, मिट्टी, पानी और बयार !
मिट्टी, पानी और बयार, जिंदा रहने के आधार !! ”
पद्मविभूषण स्वर्गीय व प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा की द्वितीय पुण्यतिथि 21.05.2023 को देहरादून में ” हिमालय बचाओ आंदोलन ” द्वारा आयोजित कार्यक्रम ” हिमालय प्रहरी – 2023″ के कुछ शानदार पल।

कार्यक्रम में सुंदर लाल बहुगुणा की स्मृतियों को याद किया गया, मेरा सौभाग्य है कि बचपन से ही पुरानी टिहरी में तमाम बाँध विरोधी आंदोलनों में उनको बहुत नजदीक से देखा, सीखा, भाग लिया व अनुभव किया।

मेधा पाटकर से मेरी पहली मुलाकात 1994 में बहुगुणा की कुटिया पर हुई थी, हम बच्चे थे, रोज बहुगुणा की कुटिया पर जाया करते थे, शायद टिहरी को डूबने से बचाने के लालच में ! उनको जब स्मर्ण कराया तो उन्हें सब याद आ गया, और वह बहुत खुश हुई कि आज की पीढ़ी भी अपने अधिकारों के लिये लड़ रही है।





