


देहरादून : इतिहास और ज्योतिष शास्त्र गवाह हैं कि जब भी गगन में 5 से अधिक ग्रह एक ही राशि में आए हैं, विश्व में भारी उथल पुथल हुई है। यदि इतिहास देंखें तो 1861 में षष्ठ ग्रही योग, 1901 में पंच ग्रही,1910 में सप्तग्रही,1921 में षष्ठ ग्रही, 1941 में पंच ग्रही,1962 में अश्टग्रही,2019 में पंचग्रही और 2021 में सप्त ग्रही योग बने हैं।
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