देवभूमूि मीडिया ब्यूरो — राज्य में पर्यवारण संरक्षण के उद्देश्य से गठित ईको टास्क फोर्स की चार कंपनियों का कार्यकाल सरकार 31 मार्च 2028 तक बढ़ाना चाहती है।जबकि चारों कंपनियों का कार्यकाल 31 मार्च 2023 को समाप्त हो जाएगा।
बता दें कि वन मंत्री उनियाल सितंबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में पहले भी अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के इस अनुरोध पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
ईको टास्क फोर्स की चार कंपनियों का खर्च का भुगतान केंद्र सरकार कर चुकी है। इनमें दो कंपनियों के खर्च राज्य सरकार को वहन करना है। यह करीब 135 करोड़ है।
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देवभूमूि मीडिया ब्यूरो — राज्य में पर्यवारण संरक्षण के उद्देश्य से गठित ईको टास्क फोर्स की चार कंपनियों का कार्यकाल सरकार 31 मार्च 2028 तक बढ़ाना चाहती है।जबकि चारों कंपनियों का कार्यकाल 31 मार्च 2023 को समाप्त हो जाएगा।बता दें कि वन मंत्री उनियाल सितंबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में पहले भी अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के इस अनुरोध पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।ईको टास्क फोर्स की चार कंपनियों का खर्च का भुगतान केंद्र सरकार कर चुकी है। इनमें दो कंपनियों के खर्च राज्य सरकार को वहन करना है। यह करीब 135 करोड़ है। तो ईको टास्क फोर्स की दो कंपनियां गढ़वाल मंडल में और दो कुमाऊं मंडल में वर्ष 2008 से काम कर रही हैं। राज्य गठन से पहले 1994 में भी राज्य में ईको टास्क फोर्स की दो-दो बटालियन काम कर रहीं थीं।
तो ईको टास्क फोर्स की दो कंपनियां गढ़वाल मंडल में और दो कुमाऊं मंडल में वर्ष 2008 से काम कर रही हैं। राज्य गठन से पहले 1994 में भी राज्य में ईको टास्क फोर्स की दो-दो बटालियन काम कर रहीं थीं।

