अमेरिकी GPS पर निर्भरता होगी कम! भारत का अपना नेविगेशन सिस्टम NavIC फिर हुआ मजबूत, ISRO ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया NVS-03 सैटेलाइट
भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार रात 11:51 बजे श्रीहरिकोटा से GSLV-F18 रॉकेट के जरिए NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया। ISRO के मुताबिक, सैटेलाइट को सफलतापूर्वक उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया गया है।
इस मिशन के सफल होने से भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NavIC को मजबूती मिली है। अब NavIC में चार उपग्रह हो गए हैं, जो इसकी न्यूनतम परिचालन व्यवस्था के लिए जरूरी हैं।
NVS-03 में स्वदेशी परमाणु घड़ी (Atomic Clock) भी लगाई गई है। इसके साथ ही इसमें L1 सिग्नल की सुविधा जोड़ी गई है, जिससे आम इस्तेमाल वाले उपकरणों में भी NavIC की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। यह सिस्टम भारत और उसकी सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे तक कवरेज प्रदान करता है।
NavIC के जरिए भारत अपनी लोकेशन और समय संबंधी सेवाओं के लिए अमेरिकी GPS पर निर्भरता कम कर सकेगा। फिलहाल अमेरिका, रूस, यूरोपीय संघ और चीन के पास अपने वैश्विक नेविगेशन सिस्टम हैं, जबकि भारत और जापान के पास क्षेत्रीय नेविगेशन सिस्टम हैं।
हालांकि NavIC को पूरी तरह विकसित करने के लिए अभी और उपग्रह लॉन्च किए जाने हैं, लेकिन NVS-03 का सफल प्रक्षेपण भारत के आत्मनिर्भर अंतरिक्ष मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ISRO के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की इस सफलता पर देशभर से बधाइयां दी जा रही हैं।



