दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में होटल अग्निकांड मामले में साकेत कोर्ट ने आरोपी केशव नेगी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले में गिरफ्तार कुक केशव नेगी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने अदालत को जानकारी दी कि भीषण आग के कारण होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इससे जांच प्रभावित हुई है और कई पहलुओं की दोबारा पड़ताल करनी पड़ रही है।
LPG नहीं चालू की, सिर्फ चाय बनाई थी-केशव नेगी
कुक केशव नेगी की ओर से जमानत याचिका पर बहस करते हुए उसके वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। उन्होंने दलील दी कि केशव ने सिर्फ चाय बनाई थी और विस्फोट होते ही उसने तुरंत होटल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी थी। अदालत में यह भी कहा गया कि घटना के बाद दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा। बचाव पक्ष का दावा था कि करीब एक घंटे बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो पाया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर पुलिस के आरोपों को सही माना जाए तो यह मानना होगा कि केशव खुद को भी खतरे में डाल रहा था, जो व्यवहारिक नहीं लगता।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि मामले की जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की पड़ताल बाकी है। इसी आधार पर केशव नेगी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गौरतलब है कि दिल्ली अग्निकांड के बाद पुलिस द्वारा केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर उत्तराखंड के लोग सोशल मीडिया में लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच, इस मामले में भाजपा और कांग्रेस एक नजर आई। प्रदेश की दोनों ही प्रमुख पार्टियां एक सुर में नेगी को न्याय दिलाने की बात कह रही हैं।
एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इस गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि शेफ को दोषी बनाकर बड़े लोगों को बचाने की साजिश है तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि केशव नेगी होटल में शेफ के तौर पर काम कर रहे थे आग बुझाने की जिम्मेदारी उनकी नहीं थी।
वहीं, दूसरी तरह भाजपा भी केशव नेगी को न्याय दिलाने की पैरवी करती नजर आ रही है। सीएम धामी ने धामी ने रविवार को पोस्ट करते हुए लिखा कि हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ है। तो पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नेगी को न्याय दिलाने के लिए वह हर प्रयास में परिवार के साथ खड़े रहेंगे।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस की जांच में केशव नेगी की भूमिका को लेकर कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। यही वजह है कि अब यह मामला केवल अग्निकांड की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उत्तराखंड में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।

