देहरादून। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक मामले की जांच के सिलसिले में उर्मिला सनावर को पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने की सहमति की स्वैच्छिकता निर्धारित करने के लिए अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया है।
देहरादून स्थित सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
अदालत के नोटिस के अनुसार, मामला सीबीआई की विशेष अपराध शाखा-2, नई दिल्ली से संबंधित है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 238, 249 और 45 का उल्लेख किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित मामले की जांच सीबीआई कर रही है और उर्मिला सनावर पर पॉलीग्राफ टेस्ट तथा नार्को टेस्ट (लाई डिटेक्शन टेस्ट) कराने के लिए आवेदन किया गया है। इन परीक्षणों से पहले यह निर्धारित करना आवश्यक है कि संबंधित व्यक्ति की सहमति स्वतंत्र, स्वैच्छिक और पूरी जानकारी के आधार पर दी गई है या नहीं।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह भंडारी की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अदालत में पेशी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि उर्मिला सनावर प्रस्तावित परीक्षणों से गुजरने के लिए अपनी इच्छा से सहमति दे रही हैं या नहीं। यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि उनकी सहमति किसी दबाव, धमकी, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन या किसी व्यक्ति अथवा प्राधिकारी के हस्तक्षेप के बिना हो।
नोटिस में सर्वोच्च न्यायालय के निर्धारित सिद्धांतों और लागू कानून के अनुरूप सहमति की स्वैच्छिकता सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
अदालत ने निर्देश दिया है कि उर्मिला सनावर निर्धारित तिथि और समय पर स्वयं उपस्थित हों, ताकि प्रस्तावित परीक्षणों के संबंध में उनकी सहमति की स्थिति स्पष्ट की जा सके।
अदालत में पेश होने का नोटिस जारी होना अपने आप में पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट की अनुमति अथवा परीक्षण किए जाने की पुष्टि नहीं है। नोटिस का उद्देश्य पहले यह निर्धारित करना है कि संबंधित व्यक्ति इन परीक्षणों के लिए स्वेच्छा से सहमति दे रही हैं या नहीं।
यहां,यह भी साफ कर दें कि किसी भी जांच एजेंसी ने पुलकित आर्य समेत तीनों अभियुक्त व अंकिता के मित्र पुष्प का नार्को टेस्ट नहीं किया था।
रिसॉर्ट ढहाने वालों से भी होगी पूछताछ
गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर की मोबाइल वार्ता के बाद कथित वीआईपी को लेकर राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया था। प्रबल जनांदोलन के बाद फरवरी 2026 में धामी सरकार ने सीबीआई जॉच की घोषणा की थी।
अंकिता भंडारी के माता-पिता के इंडिया गेट पर दिए धरने के बाद सीबीआई हरकत में दिख रही है। आठ महीने से चुप्पी साधे रही सीबीआई ने कुछ दिन पहले पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर से पूछताछ भी की।उर्मिला सनावर ने सीबीआई के सवालों को आधा अधूरा बताया।
चार साल पहले हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड के ‘वीआईपी’ को लेकर माता-पिता के साथ राहुल गांधी व प्रियंका गांधी का दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देने से मामला काफी गर्मा गया है।
इधऱ,दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के बाद विरोध प्रदर्शन की आग भी भड़कती जा रही है।
वनन्तरा रिसॉर्ट को ध्वस्त कर सबूत मिटाने के षड्यंत्र में शामिल लोगों से भी सीबीआई पूछताछ करेगी ? चुनावी साल में यह सवाल भी विशेष तौर पर उभर कर सामने आ रहा है।



