New Guideline For Unlock 1
देवभूमि मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली। लॉकडाउन के बाद अब देश धीरे-धीरे खुल रहा है। 8 जून से होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। लेकिन यहां जाने के लिए आपको नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में धर्मस्थलों, मॉल, रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति दी थी। अनलॉक- 1 के तहत 8 जून से इन जगहों को खोलने की सरकार ने इजाजत दी थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को कामकाज को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि गर्भवती महिलाएं, 65 साल से ऊपर के लोग और ऐसे लोग जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां हों, वे काम पर जाने से बचें। वर्क प्लेस पर शारीरिक दूरी, सफाई, सैनिटाइजेशन की बात भी गाइडलाइन में कही गई है। इसमें कहा गया है कि दफ्तरों में थूकने पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।
Union Ministry of Health and Family Welfare has issued Standard Operating Procedure to contain the spread of #COVID19 at workplaces. #Unlock1 pic.twitter.com/4kVLSZ6G8b
— ANI (@ANI) June 4, 2020
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New Guideline For Unlock 1देवभूमि मीडिया ब्यूरो नई दिल्ली। लॉकडाउन के बाद अब देश धीरे-धीरे खुल रहा है। 8 जून से होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। लेकिन यहां जाने के लिए आपको नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में धर्मस्थलों, मॉल, रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति दी थी। अनलॉक- 1 के तहत 8 जून से इन जगहों को खोलने की सरकार ने इजाजत दी थी।केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को कामकाज को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि गर्भवती महिलाएं, 65 साल से ऊपर के लोग और ऐसे लोग जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां हों, वे काम पर जाने से बचें। वर्क प्लेस पर शारीरिक दूरी, सफाई, सैनिटाइजेशन की बात भी गाइडलाइन में कही गई है। इसमें कहा गया है कि दफ्तरों में थूकने पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरीदफ्तरों के एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी है। यहीं पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाए। केवल उन्हीं लोगों को दफ्तर में आने की अनुमति दी जाए, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण ना दिखाई दें। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले स्टाफ को अपने सुपरवाइजर को इस बात की जानकारी देनी होगी। उसे तब तक दफ्तर आने की इजाजत ना दी जाए जब तक कंटेनमेंट जोन को डिनोटिफाई ना कर दिया जाए। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां न चलाएंड्राइवरों को शारीरिक दूरी और कोरोना के संबंध में जारी नियमों का पालन करना होगा। दफ्तर के अधिकारी, ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले यह निश्चित करेंगे कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां ना चलाएं। गाड़ी के भीतर, उसके दरवाजों, स्टीयरिंग, चाभियों का पूरी तरह से डिसइन्फेक्ट होना जरूरी है। इसका ध्यान रखा जाए।गर्भवती महिलाएं व उम्रदराज कर्मचारियों का विशेष ध्यानगर्भवती महिलाएं, उम्रदराज कर्मचारी, पहले से बीमारियों का सामना कर रहे कर्मचारी अतिरिक्त ध्यान रखें। इन्हें ऐसा काम न दिया जाए, जिसमें लोगों से सीधा संपर्क होता हो। दफ्तरों का मैनेजमेंट अगर संभव हो तो ऐसे लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे। दफ्तरों में केवल उन्हीं लोगों को आने की इजाजत दी जाए, जिन्होंने फेस मास्क पहना हो। दफ्तर के भीतर भी पूरे समय फेस मास्क पहनना जरूरी है।विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाएदफ्तर में विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए। केवल अधिकृत मंजूरी के साथ और किस अफसर से मिलना है इस जानकारी के बाद विजिटर को आने की इजाजत दी जाए। उसकी पूरी स्क्रीनिंग की जाए। बैठकों को जहां तक संभव हो सके, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही किया जाए। दफ्तरों में कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के पोस्टर, होर्डिंग जगह-जगह पर लगाए जाएं।कंटेनमेंट जोनों के भीतर स्थित धार्मिक स्थल अभी बंद रहेंगेकंटेनमेंट जोनों के भीतर स्थित धार्मिक स्थल अभी बंद रहेंगे जबकि इसके बाहर स्थित धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति होगी। मंत्रालय का कहना है कि प्रार्थना स्थलों पर अक्सर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लिहाजा महत्वपूर्ण है कि इन परिसरों में शारीरिक दूरी और अन्य एहतियाती उपायों का पालन किया जाए। एसओपी के मुताबिक धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्डेड भक्ति संगीत बजाया जा सकता है, लेकिन संक्रमण के खतरे से बचने के लिए समूह में गाने की अनुमति नहीं होगी।धर्मस्थलों पर प्रसाद जैसी भेंट नहीं चढ़ाई जाएंगीश्रद्धालुओं को धर्मस्थल पर सार्वजनिक आसन इस्तेमाल करने के स्थान पर अपना आसन या चटाई लानी होगी और उसे अपने साथ ही वापस ले जाना होगा। धर्मस्थलों पर प्रसाद जैसी भेंट नहीं चढ़ाई जाएंगी और न ही पवित्र जल का छिड़काव या वितरण किया जाएगा। सामुदायिक रसोई, लंगर और अन्न दान इत्यादि की तैयारी और भोजन के वितरण में शारीरिक दूरी के मानकों का पालन किया जाएगा।हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग जरूरीसभी धर्मस्थल प्रवेश द्वार पर अनिवार्य रूप से हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा वहां सिर्फ बिना लक्षणों वाले मास्क लगाए श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। श्रद्धालुओं को साबुन से हाथ-पैर धोकर परिसर में जाने के लिए कहा गया है। धर्मस्थल पर प्रतिमाओं और धार्मिक पुस्तकों को छूने की अनुमति नहीं होगी।कोविड-19 के एहतियाती उपायों के बारे में ऑडियो-वीडियो के जरिये जागरूकता भी फैलाई जाएगी।जूते-चप्पलों को अपने वाहन में ही उतारना पड़ेगासंभव हो तो श्रद्धालु अपने जूते-चप्पलों को अपने वाहन में ही उतारेंगे। लेकिन जरूरत पड़ने पर व्यक्ति या परिवार के जूते-चप्पलों को श्रद्धालु द्वारा स्वयं अलग स्लॉट में रखा जाएगा। धर्मस्थल के भीतर या बाहर स्थित दुकानों, स्टॉलों और कैफेटेरिया में शारीरिक दूरी मानकों का हर समय पालन करना होगा। एयर कंडीशन और वेंटीलेशन के बारे में कहा गया है कि तापमान 24 से 30 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच होना चाहिए और रिलेटिव ह्यूमिडिटी यानी सापेक्षिक आर्द्रता 40 से 70 फीसद के बीच होनी चाहिए। धर्मस्थल प्रबंधन को नियमित रूप से फर्श और अन्य सतहों की सफाई करानी होगी और डिस्इंफेक्शन कराना होगा।रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाएकंटेनमेंट जोन में रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। इसके बाहर खोले जा सकते हैं। रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए। डिलीवरी करने वाले घर के दरवाजे पर ही पैकेट छोड़ दें, हैंडओवर न करें। होम डिलीवर पर जाने से पहले सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की जाए। रेस्टोरेंट के गेट पर हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम होने चाहिए। केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ और ग्राहकों को ही रेस्टोरेंट में प्रवेश दिया जाए। कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही अंदर एंट्री दी जाए और वे पूरे समय इसे पहने रहें।कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन लगाएंकोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखता से लगाने होंगे। रेस्टोरेंट में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान रखते हुए स्टाफ को बुलाया जाए। हाई रिस्क वाले कर्मचारियों को लेकर विशेष एहतियात बरती जाए। उनसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आने वाली जगह पर काम न कराया जाए। संभव हो तो कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम के लिए प्रोत्साहित किया जाए।रेंस्टोरेंट परिसर में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाएरेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए। ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए। वॉलेट पार्किंग में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को मास्क, हैंड गलब्स पहनना जरूरी होगा। इसके अलावा पार्किंग के बाद कार की स्टेयरिंग, गेट के हैंडल को सैनिटाइज करना होगा। रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिसस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी। ताकि लोग उचित 6 फीट दूरी से साथ लाइन में खड़े हो सकें।ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिएरेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए। टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में 50 फीसद बैठने की क्षमता से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे। रेस्टोरेंट खाना खिलाने के लिए डोस्पोजेबल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाथ धोने के लिए तैलिया की जगह अच्छी क्वालिटी के नैपकिन का इस्तेमाल किया जाए। ग्राहकों और रेस्टोरेंट को बफेट सर्विस के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। एलेवेटर्स में एक साथ ज्यादा लोगों के जाने पर पाबंदी होगी।शॉपिग मॉल के लिए ये है गाइडलाइंस (SOPs for malls )शॉपिंग मॉल में दुकानदारों को भीड़ जुटने से रोकना होगा ताकि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। सरकार ने कहा है कि एलिवेटरों पर भी लोगों की सीमित संख्या तय करनी होगी। मॉलों के अंदर दुकानें तो खुलेंगी, लेकिन गेमिंग आर्केड्स और बच्चों के खेलने की जगह और सिनेमा हॉल बंद रहेंगे। शॉपिंग मॉलों में एयर कंडिशनिंग 24 से 30 डिग्री और ह्यूमिडिटी 40 से 70 प्रतिशत रखने का निर्देश।
एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी
दफ्तरों के एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी है। यहीं पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाए। केवल उन्हीं लोगों को दफ्तर में आने की अनुमति दी जाए, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण ना दिखाई दें। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले स्टाफ को अपने सुपरवाइजर को इस बात की जानकारी देनी होगी। उसे तब तक दफ्तर आने की इजाजत ना दी जाए जब तक कंटेनमेंट जोन को डिनोटिफाई ना कर दिया जाए।
कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां न चलाएं
ड्राइवरों को शारीरिक दूरी और कोरोना के संबंध में जारी नियमों का पालन करना होगा। दफ्तर के अधिकारी, ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले यह निश्चित करेंगे कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां ना चलाएं। गाड़ी के भीतर, उसके दरवाजों, स्टीयरिंग, चाभियों का पूरी तरह से डिसइन्फेक्ट होना जरूरी है। इसका ध्यान रखा जाए।
गर्भवती महिलाएं व उम्रदराज कर्मचारियों का विशेष ध्यान
गर्भवती महिलाएं, उम्रदराज कर्मचारी, पहले से बीमारियों का सामना कर रहे कर्मचारी अतिरिक्त ध्यान रखें। इन्हें ऐसा काम न दिया जाए, जिसमें लोगों से सीधा संपर्क होता हो। दफ्तरों का मैनेजमेंट अगर संभव हो तो ऐसे लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे। दफ्तरों में केवल उन्हीं लोगों को आने की इजाजत दी जाए, जिन्होंने फेस मास्क पहना हो। दफ्तर के भीतर भी पूरे समय फेस मास्क पहनना जरूरी है।
विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए
दफ्तर में विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए। केवल अधिकृत मंजूरी के साथ और किस अफसर से मिलना है इस जानकारी के बाद विजिटर को आने की इजाजत दी जाए। उसकी पूरी स्क्रीनिंग की जाए। बैठकों को जहां तक संभव हो सके, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही किया जाए। दफ्तरों में कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के पोस्टर, होर्डिंग जगह-जगह पर लगाए जाएं।
Persons above 65 years of age, persons with comorbidities, pregnant women, children below the age of 10 years are advised to stay at home: Ministry of Health and Family Welfare #Unlock1 https://t.co/gTVTn4S5Jm
— ANI (@ANI) June 4, 2020
कंटेनमेंट जोनों के भीतर स्थित धार्मिक स्थल अभी बंद रहेंगे
कंटेनमेंट जोनों के भीतर स्थित धार्मिक स्थल अभी बंद रहेंगे जबकि इसके बाहर स्थित धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति होगी। मंत्रालय का कहना है कि प्रार्थना स्थलों पर अक्सर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लिहाजा महत्वपूर्ण है कि इन परिसरों में शारीरिक दूरी और अन्य एहतियाती उपायों का पालन किया जाए। एसओपी के मुताबिक धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्डेड भक्ति संगीत बजाया जा सकता है, लेकिन संक्रमण के खतरे से बचने के लिए समूह में गाने की अनुमति नहीं होगी।
धर्मस्थलों पर प्रसाद जैसी भेंट नहीं चढ़ाई जाएंगी
श्रद्धालुओं को धर्मस्थल पर सार्वजनिक आसन इस्तेमाल करने के स्थान पर अपना आसन या चटाई लानी होगी और उसे अपने साथ ही वापस ले जाना होगा। धर्मस्थलों पर प्रसाद जैसी भेंट नहीं चढ़ाई जाएंगी और न ही पवित्र जल का छिड़काव या वितरण किया जाएगा। सामुदायिक रसोई, लंगर और अन्न दान इत्यादि की तैयारी और भोजन के वितरण में शारीरिक दूरी के मानकों का पालन किया जाएगा।
हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी
सभी धर्मस्थल प्रवेश द्वार पर अनिवार्य रूप से हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा वहां सिर्फ बिना लक्षणों वाले मास्क लगाए श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। श्रद्धालुओं को साबुन से हाथ-पैर धोकर परिसर में जाने के लिए कहा गया है। धर्मस्थल पर प्रतिमाओं और धार्मिक पुस्तकों को छूने की अनुमति नहीं होगी।कोविड-19 के एहतियाती उपायों के बारे में ऑडियो-वीडियो के जरिये जागरूकता भी फैलाई जाएगी।
जूते-चप्पलों को अपने वाहन में ही उतारना पड़ेगा
संभव हो तो श्रद्धालु अपने जूते-चप्पलों को अपने वाहन में ही उतारेंगे। लेकिन जरूरत पड़ने पर व्यक्ति या परिवार के जूते-चप्पलों को श्रद्धालु द्वारा स्वयं अलग स्लॉट में रखा जाएगा। धर्मस्थल के भीतर या बाहर स्थित दुकानों, स्टॉलों और कैफेटेरिया में शारीरिक दूरी मानकों का हर समय पालन करना होगा। एयर कंडीशन और वेंटीलेशन के बारे में कहा गया है कि तापमान 24 से 30 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच होना चाहिए और रिलेटिव ह्यूमिडिटी यानी सापेक्षिक आर्द्रता 40 से 70 फीसद के बीच होनी चाहिए। धर्मस्थल प्रबंधन को नियमित रूप से फर्श और अन्य सतहों की सफाई करानी होगी और डिस्इंफेक्शन कराना होगा।
Only asymptomatic staff and customers shall be allowed in the restaurants. Entrance to have mandatory sanitizer dispensers and thermal screening provisions: Union Ministry of Health and Family Welfare#Unlock1 https://t.co/M7fVWts1u8
— ANI (@ANI) June 4, 2020



