बिहार के बेगूसराय में ‘निर्भया 2.0’ की दरिंदगी से देश शर्मसार: दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, लापरवाही पर थाना अध्यक्ष सस्पेंड
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले में एक 30 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार और अमानवीय यातना की वीभत्स घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस क्रूरता की तुलना साल 2012 के दिल्ली के ‘निर्भया कांड’ से की जा रही है।
घटना का विवरण
यह खौफनाक वारदात 11 जून, 2026 की रात चकिया थाना क्षेत्र में हुई। अपराधियों ने महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया और अमानवीय क्रूरता की। पीड़िता को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गंभीर चोटों का उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उसे निरंतर चिकित्सीय देखरेख में रखा गया है।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साझा कार्रवाई की। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक आरोपी को हरियाणा के फरीदाबाद से और दूसरे को बेगूसराय के दियारा इलाके से दबोचा गया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस की लापरवाही पर एक्शनइस मामले में स्थानीय पुलिस की भारी लापरवाही भी सामने आई है। पीड़िता के परिजनों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद एफआईआर (FIR) दर्ज करने में देरी की गई। इस घोर लापरवाही के आरोप में चकिया थाना अध्यक्ष (SHO) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
जनता और नेताओं में भारी आक्रोशइस अमानवीय घटना के बाद बिहार सहित पूरे देश में आक्रोश की लहर है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। जनता द्वारा दोषियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त से सख्त सजा देने की मांग की जा रही है।



