हत्या का दोषी सलीम वास्तिक 25 साल बाद गाजियाबाद से गिरफ्तार हुआ।
दिल्ली पुलिस ने मुस्लिम सलीम वास्तिक को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। दिल्ली में एक व्यापारी के अपहरण /मर्डर में सलीम को उम्रकैद की सजा हुई थी दिल्ली जेल से वह वर्ष 2000 में बेल पर बाहर आया और फरार हो गया। 25 साल तक नाम पहचान छिपाकर रहता रहा। पिछले दिनों गाजियाबाद में सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसके 2 आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
यूपी के गाजियाबाद के लोनी इलाके में रहने वाले यूट्यूबर सलीम वास्तिक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। सलीम को लोनी स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। सलीम वास्तिक सोशल मीडिया और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से दिए गए बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में बना रहता है।
1995 के एक संगीन अपराध में सलीम वास्तिक दोषी पाया गया था और सालों तक कानून से बचकर पहचान छुपा कर रह रहा था।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव यादव के मुताबिक, 24 अप्रैल 2026 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि 1995 में 13 साल के नाबालिग के अपहरण और हत्या के मामले में सलीम खान नामक व्यक्ति को कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है, जोकि गाजियाबाद के लोनी के इलाके में छुपा हुआ है। आजीवन कारावास की सजा होने के पश्चात सलीम खान पैरोल पर जेल से बाहर आया था और फिर पैरोल जंप कर कभी वापिस जेल नहीं गया।
सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ARSC की टीम ने लोनी के इलाके में रेड की और सलीम खान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया. पूछताछ में पता चला है कि सलीम खान ने पिछले काफी समय से अपना नाम बदलकर सलीम वास्तिक रख लिया था और पहचान छुपा कर रह रहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा सलीम खान को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी गई है मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
क्या है मामला
जानकारी के मुताबिक मामला 20 जनवरी 1995 का है. उत्तर पूर्वी दिल्ली के एक बिजनेसमैन की 13 साल के बेटे का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण करने के बाद अपहरण कर्ताओं ने फोन कर ₹30000 की फिरौती की मांग की थी और फिरौती न देने पर बेटे की हत्या करने की धमकी दी थी। उसे वक्त पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान शक सलीम पर गया, उन दिनों सलीम संदीप बंसल के स्कूल में मार्शल आर्ट टीचर के तौर पर नौकरी करता था।
1995 में पुलिस द्वारा सलीम को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर बिजनेसमैन के बेटे का शौक बरामद किया गया था। दो साल तक कोर्ट में मामला चल और 1997 में कोर्ट ने सलीम को उम्र कैद की सजा सुना दी। 3 साल बाद सन 2000 में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतिम जमानत मिलने के बाद सलीम फरार हो गया और पहचान छिपा कर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ठिकाने बदल बदल कर रहता रहा।
बताया जा रहा है कि पहले सलीम का पूरा नाम सलीम खान था। उसने खुद को मृत घोषित करवाया ताकि कोर्ट और पुलिस को गुमराह किया जा सके और सलीम वास्तविक नाम की नई पहचान से ठिकाने बदलकर विभिन्न क्षेत्रों में रहने लगा।

